Spread the loveदेहरादून, दैनिक प्रभातवाणी । उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए हैं। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी तेज बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, सड़कें बाधित होने, नदी-नालों के उफान पर आने तथा निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बागेश्वर में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए बागेश्वर जिला प्रशासन ने एहतियातन मंगलवार (28 जुलाई) को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अशासकीय, निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, उत्तराखंड बोर्ड की अंक सुधार (Improvement) परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने तय समय पर आयोजित होगी। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की अपील की गई है। पहाड़ी मार्गों पर बढ़ा खतरा लगातार बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे, बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग, चकराता मार्ग सहित कई पर्वतीय सड़कों पर भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने यात्रियों, चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है। सड़कों पर अचानक पत्थर गिरने और मार्ग बंद होने की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों की टीमें मशीनों और कर्मचारियों के साथ तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में मार्गों को जल्द से जल्द खोला जा सके। आपदा प्रबंधन विभाग की अपील राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी, नालों और गधेरों के किनारे न जाएं। पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें। प्रशासन पूरी तरह सतर्क राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी कहा है कि बारिश की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर नया पूर्वानुमान जारी किया जाएगा। Post Views: 5 Post navigation नैनीताल के कोटाबाग में जैव नियंत्रण उत्पादन इकाई का शुभारंभ, जैविक खेती को मिलेगा नया बल देहरादून में सर्वर डाउन होने से नए LPG कनेक्शन ठप, 1,670 से अधिक आवेदन अटके, उपभोक्ता परेशान