Spread the loveदेहरादून। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज और उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव रखने वाले ऋषभ पंत ने अपने गृह राज्य में अपना पहला घर बनाने की इच्छा जताई है। पंत की इस इच्छा को लेकर सामने आई सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए हरसंभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिया है। ऋषभ पंत ने देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए अपनी परेशानी और इच्छा दोनों साझा कीं। पंत ने बताया कि वह दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड में शिफ्ट करना चाहते हैं और अपने गृह राज्य में अपना पहला घर बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह पिछले करीब तीन वर्षों से उत्तराखंड में जमीन की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, जमीन तलाशने के बावजूद पंत को अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रक्रियात्मक और प्रशासनिक दिक्कतों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री से सहयोग की अपील की। उत्तराखंड में घर बनाना चाहते हैं पंत ऋषभ पंत मूल रूप से उत्तराखंड से ताल्लुक रखते हैं और राज्य के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव हमेशा चर्चा में रहा है। क्रिकेट के मैदान पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले पंत का उत्तराखंड से लगाव कई मौकों पर सामने आता रहा है। अब पंत ने अपने गृह राज्य में स्थायी रूप से अपना बेस बनाने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि वह दिल्ली से अपना बेस शिफ्ट कर उत्तराखंड में अपना पहला घर बनाना चाहते हैं। यह सिर्फ जमीन खरीदने या घर बनाने की सामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पंत के लिए इसे अपने गृह राज्य से जुड़ने और यहां अपना स्थायी ठिकाना बनाने की इच्छा के तौर पर देखा जा रहा है। तीन साल से जमीन की तलाश पंत की पोस्ट का सबसे अहम हिस्सा यह है कि वह उत्तराखंड में जमीन की तलाश एक-दो महीने से नहीं, बल्कि करीब तीन वर्षों से कर रहे हैं। लंबे समय से प्रयास करने के बावजूद जब प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ध्यान इस मामले की ओर खींचा। एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर होने के बावजूद जमीन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करने की बात सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। CM धामी ने तुरंत दिया जवाब पंत की अपील के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने ऋषभ पंत को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए उनके राज्य में घर बनाने की इच्छा का स्वागत किया। मुख्यमंत्री की ओर से भरोसा दिया गया कि संबंधित अधिकारियों को नियमों के तहत ऋषभ पंत को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि अब पंत की ओर से जमीन और घर निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। नियमों के तहत मिलेगी सहायता मुख्यमंत्री के आश्वासन का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पंत को सहयोग नियमों के तहत उपलब्ध कराया जाएगा। यानी जमीन से संबंधित सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मामले को आगे बढ़ाया जाएगा। भूमि की उपलब्धता, संबंधित क्षेत्र के नियम, भूमि की प्रकृति, अनुमति और अन्य जरूरी औपचारिकताओं के बाद ही अंतिम प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्देश को पंत के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने की प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, न कि किसी विशेष नियम में छूट के रूप में। कौन से क्षेत्र में जमीन तलाश रहे हैं पंत? फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि ऋषभ पंत उत्तराखंड के कुमाऊं या गढ़वाल मंडल के किस विशेष क्षेत्र में जमीन तलाश रहे हैं। पंत का उत्तराखंड से संबंध होने के कारण उनके गृह क्षेत्र को लेकर लोगों की स्वाभाविक दिलचस्पी है, लेकिन जब तक उनकी ओर से या प्रशासन की ओर से जमीन के स्थान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक किसी विशेष स्थान का नाम निश्चित रूप से बताना उचित नहीं होगा। पंत की अपील क्यों बनी चर्चा का विषय? ऋषभ पंत देश के लोकप्रिय क्रिकेटरों में शामिल हैं। ऐसे में जब उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री को टैग करके उत्तराखंड में घर बनाने की इच्छा और जमीन तलाशने में आ रही दिक्कतों की बात कही, तो यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। एक तरफ पंत अपने गृह राज्य में स्थायी ठिकाना बनाना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का तत्काल आश्वासन इस मामले को और महत्वपूर्ण बना देता है। पंत के उत्तराखंड में घर बनाने से राज्य के प्रति उनकी व्यक्तिगत भावनात्मक जुड़ाव की तस्वीर भी सामने आती है। क्या अब पूरा होगा पंत का सपना? मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद उम्मीद है कि ऋषभ पंत की जमीन से जुड़ी समस्या के समाधान की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि जमीन कब और कहां मिलेगी या पंत का घर किस स्थान पर बनेगा। इसके लिए आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा। लेकिन इतना जरूर है कि तीन साल से जमीन की तलाश कर रहे ऋषभ पंत को अब मुख्यमंत्री स्तर से सहयोग का भरोसा मिलने के बाद उनके उत्तराखंड में अपना घर बनाने के सपने को नई उम्मीद मिली है। करारा सवाल: आम आदमी के लिए भी ऐसी ही आसानी होगी? ऋषभ पंत के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया और अधिकारियों को सहयोग के निर्देश निश्चित तौर पर स्वागत योग्य हैं। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया है—अगर एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को भी जमीन से जुड़ी प्रक्रियाओं में तीन साल तक परेशानी का सामना करना पड़ा, तो आम नागरिकों के लिए ऐसी प्रक्रियाएं कितनी आसान हैं? पंत का मामला अब केवल एक सेलिब्रिटी के घर बनाने की कहानी नहीं है। यह उत्तराखंड में जमीन, प्रशासनिक प्रक्रिया और आम नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं पर चर्चा का अवसर भी बन गया है। Post Views: 2 Post navigation तीलू रौतेली पुरस्कार: 13 उत्कृष्ट महिलाओं और 35 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान, पुरस्कार राशि में भी बढ़ोतरी हाईकोर्ट ब्रेकिंग: मुख्य अभियंता को जानबूझकर आदेश की अवहेलना का दोषी माना, Service Record में दर्ज होगा आदेश