Uttarakhand Weather Alert: 4 जिलों में Orange Alert, 7 में Yellow Alert; 132 से ज्यादा सड़कें बंद, ऋषिकेश में स्कूल बंद
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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग ने 10 अगस्त 2026 को चार जिलों में Orange Alert और सात जिलों में Yellow Alert जारी किया है। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन, मलबा आने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका बनी हुई है।

हालांकि, मौसम विभाग के Orange Alert के बावजूद पूरे देहरादून जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित नहीं की गई है। देहरादून शहर और जिले के अधिकांश क्षेत्रों में स्कूल सामान्य रूप से खुले हैं। वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में कांवड़ यात्रा को देखते हुए 10 और 11 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

बारिश के बीच सड़क और बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। राज्य में 132 से ज्यादा सड़कें बाधित बताई जा रही हैं, जबकि करीब 1400 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की सूचना है।

चार जिलों में Orange Alert

मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और चम्पावत के लिए Orange Alert जारी किया है। इन जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

Orange Alert को देखते हुए प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों के कमजोर होने, भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने का खतरा बढ़ जाता है।

देहरादून के अलावा नैनीताल, बागेश्वर और चम्पावत के पर्वतीय क्षेत्रों में भी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

सात जिलों में Yellow Alert

मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में Yellow Alert जारी किया है।

इन जिलों में भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर सड़क, यातायात, बिजली और जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक मलबा आने और बरसाती नालों में पानी बढ़ने का खतरा बना रहता है।

विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों को मौसम की स्थिति और सड़क की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।

देहरादून में पूरे जिले के स्कूल बंद नहीं

बारिश और Orange Alert के बीच सोशल मीडिया पर देहरादून जिले के सभी स्कूल बंद होने की सूचनाएं भी सामने आईं, लेकिन पूरे जिले में स्कूल बंद रखने का सामान्य आदेश जारी नहीं किया गया है।

देहरादून शहर समेत जिले के अधिकांश शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 अगस्त को स्कूल सामान्य रूप से खुले हैं।

इसलिए अभिभावकों को किसी सोशल मीडिया पोस्ट या अपुष्ट संदेश के आधार पर स्कूल बंद होने की जानकारी पर भरोसा करने के बजाय अपने स्कूल प्रबंधन की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।

सिर्फ ऋषिकेश क्षेत्र में 10 और 11 अगस्त को छुट्टी

देहरादून जिले के ऋषिकेश क्षेत्र में कांवड़ यात्रा को देखते हुए 10 और 11 अगस्त को स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है।

ऋषिकेश में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ता है और सुरक्षा व्यवस्था भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश क्षेत्र के शासकीय, अशासकीय और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।

यह अवकाश पूरे देहरादून जिले के लिए नहीं बल्कि ऋषिकेश क्षेत्र के लिए लागू है।

Private Schools के लिए भी अभिभावक रहें अलर्ट

देहरादून के जिन क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से छुट्टी घोषित नहीं की गई है, वहां कुछ निजी स्कूल स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अपने स्तर पर निर्णय ले सकते हैं।

ऐसे में अभिभावकों को स्कूल के WhatsApp Group, SMS, स्कूल ऐप या आधिकारिक सूचना के माध्यम से स्थिति की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

यदि किसी क्षेत्र में जलभराव, सड़क बंद होने या अत्यधिक बारिश के कारण बच्चों की आवाजाही प्रभावित हो रही है तो स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन अलग व्यवस्था कर सकता है।

132 से ज्यादा सड़कें बाधित

भारी बारिश का असर उत्तराखंड की सड़क व्यवस्था पर भी पड़ा है। राज्य में 132 से ज्यादा सड़कें बाधित होने की सूचना है।

भूस्खलन के कारण कई जगह पहाड़ से मलबा सड़क पर आ गया है। इससे यातायात रोकना पड़ा है। कुछ मार्गों पर सड़क खोलने के लिए मशीनें और कर्मचारियों को लगाया गया है।

बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर लगातार मलबा गिरने की संभावना रहती है। इसलिए सड़क खुलने के बाद भी यातायात को सावधानी के साथ संचालित किया जा रहा है।

गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे पर भी चुनौती

भारी बारिश के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी मलबा आने की समस्या सामने आई है।

लोक निर्माण विभाग और संबंधित आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित मार्गों को खोलने में जुटी हैं। मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाया जा रहा है।

पर्वतीय राजमार्गों पर बारिश के दौरान सिर्फ सड़क पर जमा मलबा ही चुनौती नहीं होता, बल्कि ऊपर से लगातार पत्थर और बोल्डर गिरने का खतरा भी बना रहता है।

करीब 1400 गांवों में बिजली प्रभावित

खराब मौसम का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। राज्य के करीब 1400 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना है।

बारिश और भूस्खलन के कारण बिजली की लाइनें और अन्य ढांचा प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई रुक गई है।

बिजली विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के लिए काम कर रही हैं। हालांकि, जिन क्षेत्रों में सड़कें बंद हैं, वहां मरम्मत दलों के पहुंचने में भी परेशानी हो सकती है।

नदियों का बढ़ रहा जलस्तर

लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। अलकनंदा, बालगंगा और गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंचने की सूचना है।

नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

प्रशासन की ओर से लोगों को नदी, नालों और गदेरों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। बरसाती नाले अचानक उफान पर आ सकते हैं, इसलिए स्थानीय लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

चारधाम यात्रा पर भी बारिश का असर

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा जारी है और बारिश ने यात्रा मार्गों की चुनौती बढ़ा दी है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने का खतरा लगातार बना हुआ है।

किसी भी मार्ग के बंद होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकना पड़ सकता है। प्रशासन और यात्रा से जुड़े विभागों की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और बाधित मार्गों को जल्द खोलना है।

यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें।

पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बढ़ सकता है खतरा

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान स्थिति तेजी से बदल सकती है। जिस सड़क पर कुछ समय पहले तक यातायात सामान्य था, वहां अचानक भूस्खलन हो सकता है।

इसी वजह से Orange और Yellow Alert वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

पुराने भूस्खलन वाले स्थानों, कमजोर पहाड़ी ढलानों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए।

प्रशासन की अपील

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रात के समय यात्रा करने से बचना बेहतर है।

नदी या बरसाती नाले के किनारे फोटो खींचने, वीडियो बनाने या घूमने के लिए जाना जोखिम भरा हो सकता है।

किसी सड़क को प्रशासन द्वारा बंद किए जाने की स्थिति में बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

स्कूलों को लेकर यह बात जरूर रखें ध्यान

देहरादून जिले के संबंध में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 10 अगस्त को पूरे जिले में स्कूल बंद नहीं हैं।

  • देहरादून शहर में सामान्य रूप से स्कूल खुले हैं।
  • विकासनगर और डोईवाला समेत अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य स्कूल संचालन है।
  • ऋषिकेश क्षेत्र में 10 और 11 अगस्त को कांवड़ यात्रा के कारण स्कूल बंद हैं।
  • किसी निजी स्कूल द्वारा अलग से अवकाश घोषित किया जा सकता है, इसलिए अभिभावक स्कूल की आधिकारिक सूचना जरूर देखें।

Orange Alert के बावजूद क्या स्थानीय तैयारियां पर्याप्त हैं?

उत्तराखंड में मानसून के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं हर साल सामने आती हैं। इस बार भी बारिश ने सड़क, बिजली और यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है।

सवाल यह है कि क्या संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से पर्याप्त मशीनरी, वैकल्पिक मार्ग, बिजली बहाली की व्यवस्था और आपदा राहत टीमों की तैनाती की गई है?

बारिश के बाद मलबा हटाना जरूरी है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए संवेदनशील ढलानों का वैज्ञानिक उपचार, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और सुरक्षित सड़क निर्माण पर भी उतना ही ध्यान देना होगा।

फिलहाल लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि मौसम विभाग के Alert को गंभीरता से लें, प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और खतरे वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

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