Spread the loveहरिपुर में यमुना तट पर आस्था का भव्य संगम: CM धामी ने किया 21 फीट ऊंची मां यमुना प्रतिमा का अनावरण देहरादून/कालसी, 17 सितंबर। देहरादून जिले के चकराता स्थित हरिपुर (कालसी) में आज धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास का नया अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में यमुना नदी के तट पर मां यमुना की 21 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का अनावरण और नवनिर्मित घाटों के पहले चरण का लोकार्पण विधि-विधान के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में हरिघाट का लोकार्पण और मां यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया। इस दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत यमुना तट पर 2100 दीप प्रज्वलित कर महाआरती की गई। 1. हरिपुर को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की पहल उत्तराखंड सरकार हरिपुर को यमुना कॉरिडोर के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। घाटों के पहले चरण का काम पूरा होने से अब श्रद्धालुओं को यमुना आरती और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सुव्यवस्थित स्थान मिल गया है। सरकार का लक्ष्य इसे हरिद्वार की ‘हर की पौड़ी’ और ऋषिकेश के घाटों की तर्ज पर विकसित करना है। 2. हरिपुर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व हरिपुर को पौराणिक काल से पवित्र नगरी माना जाता है। कालसी में स्थित सम्राट अशोक का प्रसिद्ध शिलालेख इस पूरे क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। इस परियोजना से जौनसार-बावर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा, जिससे होमस्टे, परिवहन, खान-पान और हस्तशिल्प के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। 3. भविष्य की योजनाएं राज्य सरकार ने जौनसार-बावर के समग्र विकास के लिए हनोल मास्टर प्लान के लिए 150 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। आने वाले समय में यहां नियमित रूप से भव्य यमुना आरती का आयोजन होगा और पार्किंग, पैदल मार्ग व अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि, लोक पंचायत जमुना तीर्थ समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। Post Views: 9 Post navigation उत्तराखंड में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत, एक महीने तक चलेंगे 11 विशेष कार्यक्रम महाकुंभ 2027 से पहले हरिद्वार में बड़ा Bulldozer Action, अतिक्रमण पर चला प्रशासन का पीला पंजा