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हरिद्वार। महाकुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमें पहुंचकर सड़क, फुटपाथ और सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई कर रही हैं।

प्रशासन का फोकस उन स्थानों पर है, जहां महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और विकास कार्यों को देखते हुए अतिरिक्त जगह की जरूरत होगी। इसी के तहत शहर को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर कार्रवाई की जा रही है।

ललतारौ पुल से वाल्मीकि चौक तक कार्रवाई

ललतारौ पुल से वाल्मीकि चौक के बीच सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कई अस्थायी और स्थायी ढांचे हटाए गए। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे किए गए कब्जों को हटाकर मार्ग को खुला कराया गया।

उत्तरी हरिद्वार में भी चला पीला पंजा

उत्तरी हरिद्वार के भूपटवाला और दूराधारी चौक से लेकर अपर रोड तक भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान प्रशासनिक टीम के साथ बुलडोजर मौके पर मौजूद रहा और चिन्हित अतिक्रमण हटाए गए।

इसके अलावा ज्वालापुर क्षेत्र और बैरागी कैंप-रोड़ीबेलवाला क्षेत्र में भी कार्रवाई शुरू की गई है। महाकुंभ के दौरान इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए इन स्थानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कार्रवाई से पहले संवाद का दावा

प्रशासन के अनुसार, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले व्यापारिक संगठनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों के साथ संवाद किया गया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और महाकुंभ से जुड़े विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

डीएम मयूर दीक्षित के अनुसार, महाकुंभ 2027 से जुड़े निर्माण और अन्य जरूरी कार्य पूरे होने तक अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

महाकुंभ की तैयारियों के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि हरिद्वार में सड़क, सार्वजनिक जमीन और मेला क्षेत्र को व्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI