Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी मामले में 18 सितंबर को चार साल पूरे होने पर राजधानी देहरादून सहित कई जगहों पर श्रद्धांजलि और प्रदर्शन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। ETV Bharat की रिपोर्ट के अनुसार, सामाजिक संगठनों और विभिन्न दलों से जुड़े लोगों ने देहरादून के गांधी पार्क में श्रद्धांजलि सभा के बाद घंटाघर तक शांतिपूर्ण न्याय यात्रा निकाली। इस दौरान यमकेश्वर क्षेत्र में भी कार्यक्रम हुए। प्रदर्शन की दो मुख्य मांगें 1. CBI जांच में तेजी प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा CBI जांच की सिफारिश के बाद केंद्रीय एजेंसी ने अपनी जांच शुरू की है। लोग चाहते हैं कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पारदर्शी तरीके से पूरी हो। CBI ने इस मामले में नई FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। 2. अदालत के फैसले के बाद की कानूनी प्रक्रिया इस मामले में कोटद्वार की जिला अदालत ने 30 मई 2025 को मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने 47 गवाहों और अन्य सबूतों के आधार पर यह फैसला दिया था। फिलहाल यह मामला उच्च न्यायालय में अपील के स्तर पर लंबित है और जमानत याचिकाएं खारिज होने की जानकारी सामने आई है। परिवार और कई संगठन अब इस सजा को बढ़ाकर फांसी में बदलने की मांग कर रहे हैं। अभिनेत्री उर्मिला सनावर के दावों पर क्या है रिकॉर्ड? इस प्रदर्शन में टीवी अभिनेत्री उर्मिला सनावर भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि इस मामले में आवाज उठाने के बाद से उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंता है। दूसरी ओर पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उर्मिला सनावर के सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक ऑडियो-वीडियो को लेकर देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस शिकायत में उन पर अफवाह फैलाने और धमकी देने के आरोपों का उल्लेख है। इस मामले में SIT द्वारा पूछताछ की प्रक्रिया भी हुई है। यह मामला अभी जांच के अधीन है। मामले की संक्षिप्त टाइमलाइन सितंबर 2022: पौड़ी जिले के वनंतरा रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी लापता हुईं, बाद में शव बरामद हुआ। मई 2025: कोटद्वार कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जनवरी 2026 से: CBI ने मामले के कुछ अनसुलझे पहलुओं की जांच अपने हाथ में ली। 18 सितंबर 2026: चौथी पुण्यतिथि पर राज्यभर में श्रद्धांजलि सभाएं। पुलिस प्रशासन ने बताया कि देहरादून में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। Disclaimer: यह रिपोर्ट विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और अदालत के सार्वजनिक रिकॉर्ड पर आधारित है। किसी भी व्यक्ति के दोष के बारे में अंतिम निर्णय माननीय न्यायालय का होगा। रिपोर्ट – अजय सेमल्टी/HIMALAYAVANI Post Views: 10 Post navigation महाकुंभ 2027 से पहले हरिद्वार में बड़ा Bulldozer Action, अतिक्रमण पर चला प्रशासन का पीला पंजा निठारी कांड के मामलों से बरी हुए सुरेंद्र कोली का हरिद्वार में निधन, पुलिस जांच में जुटी