केदारनाथ में व्यापारियों का धरना, करीब 5 घंटे बाधित रही हेली सेवाएं
Spread the love

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में यात्रा के बीच अस्थायी दुकानों और स्टॉलों को हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन के बीच विवाद सामने आया। मास्टर प्लान के तहत मंदिर मार्ग और हेलीपैड के आसपास अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम का व्यापारियों ने विरोध किया।

कार्रवाई से नाराज बड़ी संख्या में स्थानीय दुकानदार और तीर्थ पुरोहित केदारनाथ हेलीपैड के पास धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं करीब पांच घंटे तक प्रभावित रहीं। इससे केदारनाथ पहुंचे श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

व्यापारियों का कहना था कि यात्रा सीजन उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। उनका आरोप था कि अचानक दुकानों और स्टॉलों को हटाने की कार्रवाई से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी विशाल मिश्रा केदारनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे व्यापारियों और अन्य संबंधित लोगों के साथ बातचीत की। प्रशासन की ओर से पुनर्निर्माण कार्यों, व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को सामने रखा गया। वार्ता के बाद दोपहर बाद धरना समाप्त कर दिया गया और यात्रा व्यवस्था को सामान्य किया गया।

16 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

केदारनाथ धाम में इस यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या 16 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। सप्ताहांत में यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण सोनप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों का दबाव भी बढ़ रहा है। सितापुर पार्किंग में वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन रही है।

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

प्लास्टिक कचरा वापस ला रहे श्रद्धालु

केदारनाथ धाम को प्लास्टिक मुक्त रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से चलाया जा रहा ‘कैरी मी बैक’ अभियान भी जारी है। अभियान के तहत श्रद्धालुओं को प्लास्टिक कचरा वापस गौरीकुंड तक लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रशासन के अनुसार अब तक 5,000 से अधिक श्रद्धालु इस पहल से जुड़ चुके हैं और 12 टन से अधिक सूखा कचरा धाम से नीचे लाया जा चुका है।

केदारनाथ में एक ओर रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यात्रा मार्ग, यातायात, स्वच्छता और स्थानीय कारोबार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को संतुलित रखने की चुनौती बनी हुई है।

रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *