उत्तराखंड में बदला मौसम, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और बर्फबारी का खतरा
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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम के बदलते मिजाज के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाना जरूरी हो गया है। पहाड़ी जिलों में मौसम खराब होने के साथ भूस्खलन की घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ऐसे में पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

करीब 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 6 अक्टूबर से बर्फबारी की संभावना जताई गई है। ऐसे में केदारनाथ, बद्रीनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले पर्यटन और धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को पर्याप्त गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान अपने साथ रखना चाहिए।

मौसम में बदलाव के दौरान पर्वतीय सड़कों पर भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। पहाड़ों में बारिश या लगातार नमी के कारण कई स्थानों पर सड़क किनारे मलबा आने से यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को संवेदनशील मार्गों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अनावश्यक यात्रा को टालना और प्रशासन की ओर से जारी यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करना सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

वहीं, मौसम खराब होने के दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी जरूरी है। बिजली चमकने के समय खुले मैदान, ऊंचे स्थान, पेड़ों के नीचे तथा बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।

मैदानी क्षेत्रों की बात करें तो हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को यात्रा से पहले संबंधित मार्ग की स्थिति की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

उत्तराखंड में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन, मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन से जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखना यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI

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