Spread the loveउत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 26 और 27 सितंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक हुई भारी बारिश और बर्फबारी के बाद फंसे ट्रैकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया। कई उच्च हिमालयी इलाकों में करीब 5 से 7 फीट तक बर्फ जमा होने से ट्रैकिंग दलों की आवाजाही प्रभावित हुई। सोमवार, 28 सितंबर की सुबह मौसम में सुधार के बाद ऑडेन कोल क्षेत्र में हेलीकॉप्टर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अभियान के दौरान बेस कैंप के पास फंसे 29 लोगों को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया। ऑडेन कोल से सभी 29 लोग सुरक्षित निकाले गए रेस्क्यू किए गए दल में 5 भारतीय ट्रैकर्स और पोर्टर एवं गाइड सहित सपोर्ट स्टाफ शामिल था। मौसम अनुकूल होने के बाद हेलीकॉप्टर ने लगातार उड़ान भरकर सभी लोगों को सुरक्षित क्षेत्र से बाहर निकाला। बताया गया कि सोमवार सुबह करीब 10:24 बजे तक ऑडेन कोल बेस कैंप के पास फंसे सभी 29 लोगों को हर्षिल हेलीपैड पहुंचा दिया गया। हर्षिल पहुंचने के बाद सेना के अस्पताल के चिकित्सकों ने सभी लोगों की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी ट्रैकर्स की स्थिति सामान्य पाई गई। उन्हें गर्म कपड़े, भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद उन्हें आगे के गंतव्य के लिए रवाना किया गया। SDRF, सेना और प्रशासन ने संभाला मोर्चा बचाव अभियान में एसडीआरएफ, भारतीय सेना, उत्तरकाशी पुलिस, जिला प्रशासन और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की टीमें शामिल रहीं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बदलते मौसम, बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीमों ने समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ाया। कालिंदी पास में अभी जारी है रेस्क्यू ऑडेन कोल से सभी 29 लोगों को निकाल लिए जाने के बाद अब प्रशासन का फोकस अन्य उच्च हिमालयी ट्रैकिंग रूटों पर है। कालिंदी पास बेस कैंप क्षेत्र में भी ट्रैकर्स के फंसे होने की सूचना है। उपलब्ध अपडेट के अनुसार वहां मौजूद दल में से कुछ लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और शेष लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। ऊंचाई अधिक होने और मौसम तेजी से बदलने के कारण इस क्षेत्र में बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके अलावा उत्तरकाशी के करीब 10 अलग-अलग ट्रैकिंग एवं पर्वतारोहण रूटों पर मौजूद अन्य ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों की स्थिति पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। इनमें माउंट सुदर्शन, भागीरथी क्षेत्र और शिवलिंग सहित अन्य उच्च हिमालयी रूट शामिल हैं। प्रशासन और बचाव दलों की प्राथमिकता सभी ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 29 Post navigation उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज: IMD ने जारी किया अलर्ट, चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक हरिद्वार नगर निगम Board Meeting में हंगामा, पुराने प्रस्तावों की प्रतियां जलाकर कांग्रेस पार्षदों ने जताया विरोध