उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का कहर, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट
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देहरादून, दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य के कई पहाड़ी जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही मौसम विभाग की चेतावनी ने चिंता भी बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी घंटों में कई क्षेत्रों में तेज अंधड़, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

शुक्रवार को उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, पिथौरागढ़ और चंपावत समेत कई पहाड़ी जिलों में मौसम अचानक बदल गया। दोपहर बाद आसमान में बादल छाने लगे और कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें भी दर्ज की गईं। सबसे अधिक प्रभाव चंपावत जिले में देखने को मिला, जहां हवाओं की रफ्तार 76 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। तेज अंधड़ के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की सूचनाएं भी सामने आई हैं।

मौसम विभाग ने राज्य के मैदानी और निचले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इतनी तेज हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं और कमजोर संरचनाओं, टीन शेड तथा पेड़ों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा पहाड़ी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए आकाशीय बिजली गिरने, तेज गर्जना और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

मौसम में आए इस बदलाव के बावजूद मैदानी इलाकों में गर्मी का असर अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। पंतनगर राज्य का सबसे गर्म स्थान बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर केदारनाथ धाम में न्यूनतम तापमान मात्र 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे वहां सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बना हुआ है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान के इस बड़े अंतर ने मौसम की विविधता को एक बार फिर सामने ला दिया है।

चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष सलाह जारी की है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा करने वाले यात्रियों को मौसम का ताजा अपडेट लेने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक मौसम खराब होने की संभावना बनी हुई है, जिससे यात्रा प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने यात्रियों से निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर ध्यान देने की अपील की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण उत्तराखंड में मौसम तेजी से बदल रहा है। आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन ने भी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।

उत्तराखंड में मौसम के इस बदले हुए स्वरूप ने जहां भीषण गर्मी से राहत पहुंचाई है, वहीं तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि के खतरे को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आने वाले 24 से 48 घंटे राज्य के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।