Spread the loveदेहरादून, 15 अगस्त 2026। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले कई घंटों से लगातार बारिश का दौर जारी है। देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल समेत कई जिलों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। लगातार बारिश से बढ़ी मुश्किलें पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ी दरकने और मलबा सड़कों पर आने से यातायात प्रभावित हुआ है। कई संपर्क मार्ग और मोटर मार्ग बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालयों और बाजारों से संपर्क प्रभावित हुआ है। बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में बारिश का असर विशेष रूप से दिखाई दे रहा है। यहां सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र में 16 से अधिक रास्तों के बाधित होने की जानकारी सामने आई है। देहरादून समेत कई जिलों में भारी बारिश मैदानी क्षेत्र देहरादून में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। 16 और 17 अगस्त को भी मौसम खराब रहने की चेतावनी मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने आने वाले दिनों के लिए भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। 16 और 17 अगस्त को चम्पावत, बागेश्वर, नैनीताल और देहरादून समेत कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति पर नजर रखने की अपील की है। विशेषकर पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। नदियों और गदेरों के आसपास विशेष सतर्कता जरूरी लगातार बारिश के बीच नदियों, गदेरों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में रात के समय यात्रा करने वालों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के कारण सड़क बंद होने की स्थिति में जबरन आगे बढ़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रुकना अधिक सुरक्षित होगा। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन अलर्ट लगातार बारिश और संभावित भूस्खलन को देखते हुए प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है। सड़क मार्गों पर मलबा आने की स्थिति में उसे हटाने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड में अगले दो दिन मौसम की चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। नोट: बारिश के दौरान किसी भी नदी, नाले, गदेरे या भूस्खलन संभावित सड़क के बेहद करीब जाने से बचें। यात्रा से पहले संबंधित मार्ग की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। Post Views: 11 Post navigation चमोली के पीपलकोटी में बड़ा टनल हादसा: 7 श्रमिकों की मौत, 14 घायल; लापता श्रमिकों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, 5 जिलों में Orange Alert; पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा