Spread the loveदेहरादून | दैनिक प्रभातवाणी । उत्तराखंड में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के आठ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क धंसने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से स्थिति गंभीर बनी हुई है। 8 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज वर्षा के दौर की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। 100 से अधिक सड़कें बंद, कई राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित लगातार बारिश और पहाड़ों से गिर रहे मलबे के कारण प्रदेश में 111 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। कई स्थानों पर जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है। चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हुआ। यमुनोत्री पैदल मार्ग के कई हिस्सों में भूस्खलन और मार्ग धंसने की घटनाएं सामने आईं। बदरीनाथ और गंगोत्री मार्ग पर भी कई स्थानों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की है। कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद भारी बारिश के खतरे को देखते हुए बागेश्वर, चम्पावत, रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल सहित कई जिलों के जिलाधिकारियों ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। ऑनलाइन शिक्षा के संबंध में निर्णय संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री धामी ने दिए 24×7 अलर्ट मोड में रहने के निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, SDRF, NDRF, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग और स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए। प्रशासन की लोगों से अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि— बिना आवश्यकता यात्रा न करें। नदी, नाले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष या हेल्पलाइन से संपर्क करें। फिलहाल स्थिति पर नजर मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटे तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियां और राहत दल पूरी तरह सतर्क हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Post Views: 7 Post navigation उत्तराखंड में बारिश का कहर: 16 करोड़ का पुल धंसा, कई जिलों में रेड अलर्ट, जनजीवन प्रभावित उत्तराखंड बारिश अपडेट: रुद्रप्रयाग में मलबा गिरा, गंगा चेतावनी स्तर के करीब, अस्पताल हाई अलर्ट पर, हेलीकॉप्टर रेस्क्यू तैयार