उत्तराखंड में मौसम का कहर: 7 जिलों में रेड अलर्ट, भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी, प्रशासन हाई अलर्ट पर
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देहरादून। दैनिक प्रभातवाणी। 

 उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 7 जिलों—देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, उधमसिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

राज्य के कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों-नालों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है।

तापमान में आई भारी गिरावट

लगातार बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी देहरादून का अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे मौसम सामान्य दिनों की तुलना में काफी ठंडा महसूस किया जा रहा है।

प्रशासन पूरी तरह सतर्क

हाल के दिनों में राज्य में अतिवृष्टि, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और राहत एवं बचाव दलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इन इलाकों में अधिक खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार पर्वतीय जिलों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा अधिक है। वहीं मैदानी जिलों में भारी बारिश के कारण जलभराव और नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है।

लोगों के लिए प्रशासन की अपील

  • अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • नदी, नाले और बरसाती गदेरों के पास न जाएं।
  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
  • मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।
  • किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे उत्तराखंड के लिए काफी संवेदनशील रहेंगे। यदि भारी बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो कई स्थानों पर सड़कें बंद होने, बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित होने तथा सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।