उत्तराखंड में NEET धांधली के विरोध में कांग्रेस और AAP का प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
Spread the love

देहरादून/हरिद्वार।दैनिक प्रभातवाणी। 

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित धांधली और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उत्तराखंड में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। हरिद्वार में कांग्रेस ने पैदल मार्च निकाला, जबकि देहरादून में आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।

हरिद्वार में कांग्रेस का पैदल मार्च

हरिद्वार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देवपुरा चौक से भगत सिंह चौक तक पैदल मार्च निकालकर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा। मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो”, “पेपर लीक के दोषियों को सजा दो” और “छात्रों को न्याय दो” जैसे नारे लगाए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे विवादों से लाखों छात्रों और उनके परिवारों का विश्वास कमजोर हुआ है। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत करने वाले युवाओं के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता अन्याय है और सरकार को परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाना चाहिए।

देहरादून में AAP का विरोध प्रदर्शन

राजधानी देहरादून में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार का पुतला दहन किया और कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

विपक्ष की प्रमुख मांगें

दोनों दलों ने अपने-अपने प्रदर्शनों के दौरान लगभग समान मांगें रखीं—

  • NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच।
  • पेपर लीक या अन्य गड़बड़ियों में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और गोपनीयता को और मजबूत किया जाए।
  • छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं।
  • प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की कथित ज्यादती की निष्पक्ष जांच हो।

छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देशभर में लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, तो इसका सीधा असर छात्रों के मनोबल और उनके भविष्य पर पड़ता है। विपक्ष ने मांग की कि ऐसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई कर युवाओं का भरोसा बहाल किया जाए।

सरकार और जांच एजेंसियों की भूमिका

NEET से जुड़े मामलों की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा चुकी है और कई मामलों में गिरफ्तारियां भी हुई हैं। इस बीच विपक्ष लगातार इस मुद्दे को राजनीतिक और जनहित का विषय बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, सरकार का कहना रहा है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

उत्तराखंड में हुए इन प्रदर्शनों के बाद NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा प्रश्न बता रहा है, जबकि आगे इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

(नोट: इस समाचार में “कथित धांधली” और “कथित अनियमितता” जैसे शब्द इसलिए प्रयोग किए गए हैं क्योंकि ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही तय होता है।)