उत्तराखंड मौसम अपडेट: ऑरेंज अलर्ट के बीच मूसलाधार बारिश, 109 सड़कें बंद, चारधाम यात्रा प्रभावित
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देहरादून | दैनिक प्रभातवाणी । 

उत्तराखंड में मानसून अपने चरम पर है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और अन्य संवेदनशील जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, तेज गर्जना, बिजली चमकने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका जताई है।

सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक बारिश

इस मानसून सीजन में उत्तराखंड में अब तक सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश बागेश्वर जिले में रिकॉर्ड की गई, जबकि रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, टिहरी और नैनीताल में भी सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। लगातार बारिश के कारण कई नदियों और गदेरों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

109 सड़कें बंद, हाईवे पर भी संकट

बारिश के चलते प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों सहित लगभग 109 सड़कें भूस्खलन और मलबा आने के कारण बंद हो गई हैं। कई स्थानों पर विशाल बोल्डर सड़कों पर गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर शामिल हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीमें जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से मलबा हटाकर मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।

चारधाम यात्रा पर बड़ा असर

लगातार हो रही बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

  • केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं हुई हैं।
  • बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर संवेदनशील स्थानों पर लगातार पत्थर गिर रहे हैं।
  • यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी कई जगहों पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
  • प्रशासन लगातार मार्गों की निगरानी कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकने के निर्णय भी लिए जा रहे हैं।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें तथा यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए बागेश्वर और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों ने सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है तो अन्य जिलों में भी इसी प्रकार के निर्णय लिए जा सकते हैं।

नदियों का जलस्तर बढ़ा

लगातार बारिश के कारण अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी, सरयू, गोरी, कोसी और काली नदी समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। हालांकि अधिकांश नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (SDMA), एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को पहले से तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे:

  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें।
  • नदी, नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
  • मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
  • किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
  • चारधाम यात्रा पर जाने से पहले मार्ग और मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में भी उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।