उत्तराखंड STF की बड़ी कार्रवाई, 86 अवैध बेटिंग वेबसाइटें ब्लॉक, करोड़ों रुपये के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा
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देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 86 अवैध बेटिंग वेबसाइटों को ब्लॉक करा दिया है। इस कार्रवाई को राज्य में अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक माना जा रहा है। जांच में सामने आया है कि इन वेबसाइटों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन किया जा रहा था और बड़ी मात्रा में धनराशि भारत से बाहर विभिन्न देशों, विशेष रूप से दुबई सहित खाड़ी क्षेत्र के नेटवर्क तक पहुंचाई जा रही थी।

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से इन वेबसाइटों की गतिविधियों पर तकनीकी निगरानी रखी जा रही थी। साइबर विशेषज्ञों ने पाया कि कई पोर्टल्स युवाओं को तेजी से पैसा कमाने का लालच देकर ऑनलाइन सट्टेबाजी के जाल में फंसा रहे थे। जांच के बाद दूरसंचार विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से इन वेबसाइटों के डोमेन और यूआरएल को ब्लॉक कराया गया।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के कई सर्वर भारत के बाहर संचालित हो रहे थे। विदेशी लोकेशन से संचालित इन प्लेटफॉर्मों के जरिए भारतीय नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर आकर्षक विज्ञापन चलाकर युवाओं को सदस्य बनाया जाता था और फिर उन्हें विभिन्न गेमिंग तथा बेटिंग गतिविधियों में शामिल किया जाता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में फर्जी बैंक खातों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था। गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बैंक खाते खोले गए थे। इन खातों में देशभर से सट्टे की रकम जमा होती थी और उसके बाद धन को विभिन्न माध्यमों से बाहर भेजा जाता था। कई मामलों में क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग कर धनराशि को डिजिटल वॉलेट्स में स्थानांतरित किया गया, जिससे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था।

एसटीएफ ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा था। इंस्टाग्राम, फेसबुक और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्मों पर ऐसे विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे थे जिनमें कम समय में भारी मुनाफे और रातों-रात अमीर बनने के दावे किए जाते थे। इन दावों के प्रभाव में आकर अनेक छात्र और बेरोजगार युवा सट्टेबाजी की लत का शिकार हो रहे थे।

साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन बेटिंग और अवैध गेमिंग प्लेटफॉर्म केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचाते बल्कि युवाओं के मानसिक और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। कई मामलों में लोग कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं और आर्थिक संकट का सामना करते हैं।

एसटीएफ और साइबर पुलिस ने अभिभावकों तथा आम नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के मोबाइल फोन और बैंक खातों में होने वाले संदिग्ध लेनदेन पर नजर रखें। किसी भी अनधिकृत गेमिंग या बेटिंग एप्लिकेशन को डाउनलोड करने से बचें और बाहरी लिंक से मिलने वाली एपीके फाइलों पर भरोसा न करें।

पुलिस ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को ऑनलाइन सट्टेबाजी, साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध डिजिटल नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।