Spread the loveदेहरादून। दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड में वर्षवार वरिष्ठता (Seniority-based Recruitment) के आधार पर नर्सिंग भर्ती की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को उस समय बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया, जब स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन कर रही एक महिला अभ्यर्थी ने कथित तौर पर फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। महिला की पहचान किरण रावत के रूप में हुई है। उन्हें तत्काल पुलिस की मदद से दून अस्पताल ले जाया गया, जहां आईसीयू में उनका उपचार चल रहा है। मंत्री आवास पर प्रदर्शन, वार्ता रही बेनतीजा नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थी यमुना कॉलोनी स्थित स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के सरकारी आवास पहुंचे। प्रदर्शनकारियों की मंत्री के साथ वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान या लिखित आश्वासन नहीं मिलने से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी फैल गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। इसी दौरान भावुक होकर महिला अभ्यर्थी किरण रावत ने कथित तौर पर फिनाइल पी लिया। तीन अन्य महिलाओं ने भी किया प्रयास नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर के अनुसार, किरण रावत के अलावा तीन अन्य महिला अभ्यर्थियों ने भी फिनाइल पीने का प्रयास किया था, लेकिन मौके पर मौजूद साथियों और पुलिस ने समय रहते उन्हें रोक लिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना के बाद यमुना कॉलोनी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। विपक्ष भी आया समर्थन में घटना के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार पर सवाल उठाए। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला मौके पर पहुंचीं और आंदोलनरत नर्सिंग अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनके आंदोलन को समर्थन दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार लंबे समय से युवाओं की मांगों की अनदेखी कर रही है। नर्सिंग अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें करीब 7–8 महीनों से एकता विहार में धरना दे रहे नर्सिंग अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें हैं— नर्सिंग भर्ती में वर्षवार वरिष्ठता (Year-wise Seniority) के आधार पर चयन प्रक्रिया बहाल की जाए। प्रस्तावित लिखित परीक्षा को रद्द कर पुरानी चयन व्यवस्था लागू की जाए। भर्ती में हुई देरी के कारण ओवरएज हुए अभ्यर्थियों को आयु सीमा में विशेष छूट दी जाए। उत्तराखंड के स्थानीय (डोमिसाइल) अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिले। IPHS मानकों के अनुसार कम से कम 2,000 नए नर्सिंग पद सृजित किए जाएं। पहले भी मिला था आश्वासन अभ्यर्थियों का कहना है कि मई महीने में लगभग 150 दिनों से अधिक चले आंदोलन को सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थगित कराया था, लेकिन उसके बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण बेरोजगार युवाओं में भारी नाराजगी है। स्थिति गंभीर महिला अभ्यर्थी द्वारा आत्महत्या के प्रयास की घटना ने पूरे आंदोलन को संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल महिला का उपचार जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नर्सिंग अभ्यर्थियों की नजर टिकी हुई है। यदि आप या आपका कोई परिचित आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो इसे अकेले न झेलें। परिवार, मित्रों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से तुरंत बात करें और स्थानीय आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं या मानसिक स्वास्थ्य सहायता से संपर्क करें। Post Views: 6 Post navigation उत्तराखंड मौसम अपडेट: चार जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, भूस्खलन से कई सड़कें बंद उत्तराखंड मौसम और आपदा अलर्ट: 6 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 80 किमी/घंटा तक चल सकती हैं तेज हवाएं