देहरादून में सरकारी शिक्षिका की संदिग्ध मौत: शादी के 8 महीने बाद गई जान, पति समेत तीन पर दहेज हत्या का मुकदमा
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देहरादून | दैनिक प्रभातवाणी । 

देहरादून के डोईवाला थाना क्षेत्र के हर्रावाला स्थित लक्ष्मण एन्क्लेव में 26 वर्षीय सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है। विवाह के महज आठ महीने बाद हुई इस घटना में मृतका की मां की शिकायत पर उत्तराखंड सचिवालय में तैनात निजी सचिव सौरभ खत्री (रतूड़ी), उनकी मां परवीना देवी और बहन चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

सरकारी शिक्षिका थीं सृष्टि कंडारी

सृष्टि कंडारी मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर स्थित श्रीकोट की निवासी थीं और सरकारी विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। उनका विवाह नवंबर 2025 में हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुआ था, जो उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

मां का आरोप- शादी के कुछ समय बाद शुरू हुई प्रताड़ना

मृतका की मां सीमा कंडारी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही सृष्टि को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। शिकायत में कहा गया है कि पति, सास और ननद लगातार उसे अपमानित करते थे और दहेज को लेकर दबाव बनाते थे।

ससुर की मौत के बाद ‘मनहूस’ कहने का आरोप

शिकायत के अनुसार, शादी के लगभग तीन महीने बाद सृष्टि के ससुर को हार्ट अटैक आया और बाद में उनका निधन हो गया। इसके बाद परिवार ने कथित रूप से किसी पंडित की सलाह पर सृष्टि को “मनहूस” और “अशुभ” कहना शुरू कर दिया। आरोप है कि घर में होने वाली हर बीमारी और अनहोनी के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया जाता था। परिजनों का कहना है कि इससे सृष्टि गहरे मानसिक तनाव में रहने लगी थी।

मौत से पहले बनाया था वीडियो

परिजनों का दावा है कि सृष्टि ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर पिछले कई महीनों से ससुराल पक्ष द्वारा की जा रही मानसिक प्रताड़ना, अपमान और उत्पीड़न का जिक्र किया है। पुलिस इस वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच भी कर रही है।

दो दिन तक नहीं हुआ संपर्क, अस्पताल में मिली दुखद खबर

मृतका की मां के अनुसार 28 और 29 जुलाई को उनकी बेटी से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। चिंता होने पर उन्होंने देहरादून में रहने वाले परिचितों को सृष्टि के घर भेजा। वहां पता चला कि उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया था। जब तक मां और अन्य परिजन श्रीनगर से देहरादून पहुंचे, तब तक इलाज के दौरान सृष्टि की मौत हो चुकी थी।

दहेज मृत्यु का मुकदमा दर्ज

मृतका की मां की तहरीर के आधार पर डोईवाला पुलिस ने पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। चूंकि विवाह को सात वर्ष से कम समय हुआ था और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं, इसलिए मामले को दहेज मृत्यु के दृष्टिकोण से जांचा जा रहा है।

CO वंदना वर्मा कर रही हैं जांच

मामले की जांच डोईवाला की क्षेत्राधिकारी (CO) वंदना वर्मा को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल डेटा, वीडियो और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

आरोपी पति की स्थिति

पुलिस के अनुसार, आरोपी पति वर्तमान में अपने पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं में शामिल है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सचिवालय स्तर पर भी निगाहें

चूंकि मुख्य आरोपी उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं, इसलिए मामले पर प्रशासनिक स्तर पर भी नजर बनी हुई है। हालांकि, इस समाचार के प्रकाशित होने तक सचिवालय की ओर से किसी विभागीय कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्या कहता है कानून?

BNS की धारा 80(2) दहेज मृत्यु से संबंधित प्रावधान है। यदि किसी महिला की शादी के सात वर्ष के भीतर असामान्य परिस्थितियों में मृत्यु होती है और उसके साथ दहेज को लेकर क्रूरता या उत्पीड़न के आरोप सामने आते हैं, तो पुलिस इस धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच करती है। अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होती है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी प्रमाण मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महत्वपूर्ण: इस मामले में आरोप शिकायत के आधार पर दर्ज किए गए हैं। जांच जारी है और अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाते हैं।

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