Spread the loveनई दिल्ली / देहरादून : देश की राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) द्वारा खालिस्तानी तत्वों (Khalistani Elements) और संभावित आतंकी खतरों को लेकर एक हाई-लेवल सुरक्षा अलर्ट (High-Level Security Alert) जारी किया गया है। यह कदम एक धमकी भरे ईमेल (Threatening Email) के सामने आने के बाद उठाया गया है, जिसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। 1. धमकी भरे ईमेल से हुआ खुलासा (Threat via Email) खुफिया सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को एक संदिग्ध ईमेल मिला था, जिसमें आने वाले दिनों में बड़े हमलों को अंजाम देने की चेतावनी दी गई थी। इस ईमेल में देश की कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील जगहों को निशाना बनाने की बात कही गई है: प्रमुख धार्मिक स्थल और मंदिर (Temples & Religious Sites) सरकारी दफ्तर और इमारतें (Government Offices) रेलवे स्टेशन और ट्रांसपोर्ट हब (Railway Stations & Transport Hubs) पुलिस प्रतिष्ठान (Police Installations) प्रमुख राजनीतिक नेता (Political Leaders) 2. सीमाओं और संवेदनशील इलाकों पर सख्त चेकिंग (Strict Borders Vigil) अलर्ट जारी होने के तुरंत बाद दिल्ली और उत्तराखंड पुलिस ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में सुरक्षा समीक्षा (Security Review) शुरू कर दी है। बॉर्डर पर निगरानी: उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों (जैसे उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से लगने वाली सीमाओं) और दिल्ली के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की औचक चेकिंग और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस बल: भीड़भाड़ वाले बाजारों, ऐतिहासिक स्थलों (जैसे दिल्ली का लाल किला और चांदनी चौक) और बस व रेलवे टर्मिनलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। लोकल इंटेलिजेंस एक्टिव: संदिग्ध गतिविधियों और नए चेहरों पर नजर रखने के लिए पुलिस की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट्स (LIU) को भी जमीन पर सक्रिय कर दिया गया है। 3. हालिया विवादों से जोड़कर देखी जा रही कड़ियां (Context of Threat) सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, उत्तराखंड में यह थ्रेट इनपुट पिछले दिनों चमोली के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग के नागरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों और स्थानीय प्रशासन/नागरिकों के बीच हुए हालिया विवाद व टकराव की पृष्ठभूमि में काफी संवेदनशील माना जा रहा है। इसके साथ ही, आगामी स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) समारोहों के मद्देनजर भी दिल्ली में पाकिस्तान समर्थित और खालिस्तानी चरमपंथी संगठनों की गतिविधियों को विफल करने के लिए कड़े इंतजाम पहले से ही किए जा रहे हैं。 4. साइबर सेल की जांच शुरू (Cyber Investigation) दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Special Cell) और साइबर एक्सपर्ट्स (Cyber Experts) इस धमकी भरे ईमेल की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं। डिजिटल ट्रेल (Digital Trail) के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह ईमेल सचमुच किसी आतंकी मॉड्यूल द्वारा भेजा गया है या फिर कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए रची गई कोई साजिश (Hoax) है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति को देखते ही तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें। Post Views: 3 Post navigation बदरीनाथ धाम महा-दान घोटाला (Badrinath Temple Donation Scam) — CCTV फुटेज से खुली पोल, SIT ने की तीसरी गिरफ्तारी; मंदिर में ‘पॉकेटलेस’ ड्रेस कोड (Pocketless Dress Code) लागू Doiwala-Vikasnagar में Police का बड़ा Action, 7.50 लाख की Smack और 1.21 किलो गांजा बरामद