हरिद्वार कांवड़ मेले का समापन चरण: 3 करोड़ से अधिक शिवभक्त पहुंचे, घाटों पर बढ़ाई गई सुरक्षा
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हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में चल रहा ऐतिहासिक कांवड़ मेला 2026 अब अपने समापन चरण में पहुंच गया है। इस वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में कांवड़िए और शिवभक्त हरिद्वार पहुंचे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच चुके हैं।

कांवड़ मेले के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रमुख घाटों, बैरागी कैंप और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।

घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का महासैलाब

कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में गंगाजल लेने के लिए लगातार श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। अंतिम चरण में भी बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगा स्नान कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।

भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।

गंगा के जलस्तर पर प्रशासन की नजर

पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। नदी के किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और SDRF की टीमें भी संवेदनशील स्थानों पर मुस्तैद हैं।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं को गंगा के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और बैरिकेडिंग पार न करने की सलाह दी है।

SDRF और पुलिस की बढ़ी मुस्तैदी

कांवड़ मेले के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। बैरागी कैंप समेत प्रमुख घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है।

कांवड़ मेले के बाद चारधाम यात्रा पर भी नजर

कांवड़ मेले के समापन के साथ ही प्रशासन के सामने पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम और भारी बारिश की चुनौती भी बनी हुई है। उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में बारिश, भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाओं को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। मौसम खराब होने और भूस्खलन की आशंका वाले मार्गों पर यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

रात में संवेदनशील मार्गों पर यात्रा से बचने की सलाह

भारी बारिश और भूस्खलन की संभावित घटनाओं को देखते हुए यात्रियों से संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जा रही है। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित मार्ग की स्थिति और मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने कांवड़ियों और चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

कांवड़ मेले का समापन भले ही करीब हो, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पहाड़ों में मौसम की चुनौती को देखते हुए प्रशासन के लिए अगले कुछ दिन भी बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

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