हरिद्वार में जंगली हाथी का कहर: बेटे के सामने 65 वर्षीय वन गुर्जर को पटक-पटककर मार डाला, पेड़ पर चढ़कर बची दो लोगों की जान
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हरिद्वार | दैनिक प्रभातवाणी । 

हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में गुरुवार सुबह जंगली हाथी के हमले में 65 वर्षीय वन गुर्जर की दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना कांसवाली बीट के पीली पड़ाव क्षेत्र में हुई, जहां हाथी ने एक बुजुर्ग को बेटे की आंखों के सामने पटक-पटककर कुचल दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग ने लोगों से जंगल की ओर अकेले न जाने की अपील की है।

आबादी की ओर जा रहे थे, तभी सामने आ गया हाथी

जानकारी के अनुसार, श्यामपुर रेंज के दियावाली स्रोत निवासी युसूफ (65 वर्ष) गुरुवार सुबह अपने बेटे और एक पड़ोसी के साथ मोटरसाइकिल से आबादी क्षेत्र की ओर जा रहे थे। घर से कुछ ही दूरी पर पहुंचे थे कि अचानक सामने से एक जंगली हाथी आ गया और तीनों पर हमला करने के लिए दौड़ पड़ा।

बेटा और पड़ोसी पेड़ पर चढ़े, युसूफ नहीं बच पाए

हाथी को अपनी ओर आता देख तीनों जान बचाने के लिए भागे। युसूफ का बेटा और उनका पड़ोसी पास के एक पेड़ पर चढ़ गए और किसी तरह अपनी जान बचा ली। लेकिन 65 वर्षीय युसूफ पेड़ तक नहीं पहुंच सके और हाथी की चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने उन्हें कई बार पटककर बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

शव के पास काफी देर तक डटा रहा हाथी

घटना के बाद भी जंगली हाथी काफी देर तक शव के पास खड़ा रहा। इसके कारण ग्रामीण और वन कर्मी तुरंत मौके तक नहीं पहुंच सके और रेस्क्यू अभियान शुरू करने में देरी हुई।

हवाई फायरिंग कर जंगल की ओर भगाया गया हाथी

घटना की सूचना मिलते ही श्यामपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (Ranger) विवेक जोशी वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से हवाई फायरिंग और तेज शोर मचाकर हाथी को गहरे जंगल की ओर खदेड़ा गया। इसके बाद वन कर्मी और पुलिस मौके पर पहुंच सके।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

हाथी के हटने के बाद श्यामपुर थाना पुलिस और डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।

गुर्जर बस्ती में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद पीली पड़ाव और आसपास की वन गुर्जर बस्तियों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में जंगली हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे जान-माल का खतरा लगातार बना हुआ है।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों और वन गुर्जर समुदाय से अपील की है कि वे अकेले जंगल में न जाएं। यदि किसी क्षेत्र में हाथी या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

मानव-वन्यजीव संघर्ष बना बड़ी चुनौती

राजाजी टाइगर रिजर्व और हरिद्वार वन प्रभाग से सटे क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। जंगलों के आसपास बसे गांवों और वन गुर्जर बस्तियों में हाथियों की आवाजाही के कारण अक्सर जान-माल का नुकसान होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान जंगलों में हाथियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।