हरिद्वार में विकास को रफ्तार, HRDA बजट मंजूर और 37 ई-बसों की योजना
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हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (PM-eBus Sewa) के तहत शहर में 37 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी गई है। बसों के संचालन, प्रस्तावित रूट और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सीसीआर भवन में मेलाधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

बैठक में ई-बस सेवा के संचालन की रूपरेखा, रूट नेटवर्क, चार्जिंग व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक और शहरी क्षेत्रों को आपस में जोड़ने की योजना है।

9 मीटर लंबी और AC होंगी बसें

योजना के तहत संचालित होने वाली बसें करीब 9 मीटर लंबी और 30 सीटों वाली मिडी बसें होंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में एसी की सुविधा रहेगी। दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, व्हीलचेयर स्पेस और सुगम प्रवेश जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।

इलेक्ट्रिक बसें पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में स्थानीय स्तर पर उत्सर्जन कम करने में मदद करेंगी। हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में इसका महत्व और बढ़ जाता है।

रेलवे स्टेशन से ज्वालापुर और सिंहद्वार तक सर्कुलर रूट

प्रस्तावित मुख्य सर्कुलर रूट में हरिद्वार रेलवे स्टेशन, ऋषिकुल, चंद्राचार्य चौक, भगत सिंह चौक, बीएचईएल सेक्टर-2 बैरियर, ज्वालापुर, दुर्गा चौक, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार, डामकोठी और तुलसी चौक को शामिल किया गया है। इसके बाद बसें वापस हरिद्वार रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी।

इसके अलावा कनखल से सप्तऋषि क्षेत्र तक सात फीडर रूट विकसित किए जाने की योजना है। इन मार्गों के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों को मुख्य सर्कुलर रूट से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

हर 10 मिनट में बस उपलब्ध कराने का लक्ष्य

यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्य मार्गों पर करीब 10 मिनट के अंतराल पर बस उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना में डिजिटल टिकटिंग और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) जैसी सुविधाओं को शामिल करने की बात भी सामने आई है।

चार्जिंग स्टेशन और डिपो के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर

ई-बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन और मेंटेनेंस सुविधाएं विकसित की जानी हैं। देहरादून के लिए प्रस्तावित 100 बसों और हरिद्वार की 37 बसों को मिलाकर कुल 137 इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग एवं संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने हेतु करीब ₹31.93 करोड़ की राशि स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है।

योजना के पूरी तरह लागू होने पर संचालन, रखरखाव और परिवहन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। हरिद्वार में ई-बस सेवा शुरू होने के बाद स्थानीय यात्रियों के साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है।

रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI

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