कांवड़ यात्रा के बाद हरिद्वार में महा-सफाई अभियान: दिन-रात जुटा नगर निगम, घाटों से बाजारों तक हट रहा कचरा
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हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के समापन के बाद तीर्थनगरी हरिद्वार को फिर से स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने युद्धस्तर पर महा-स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया है। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण गंगा घाटों, कांवड़ मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख बाजारों में भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया था।

अब नगर निगम की टीमें शहर को सामान्य स्थिति में लाने के लिए दिन-रात जुटी हुई हैं। सफाई कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त पर्यावरण मित्रों को भी विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

24 घंटे चल रहा सफाई अभियान

नगर निगम ने सफाई कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी लगाई है। कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद सबसे पहले उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं की सबसे अधिक आवाजाही रही।

सड़कों के किनारे जमा कचरा, प्लास्टिक, खाने-पीने की सामग्री के अवशेष और अन्य ठोस अपशिष्ट को हटाने का काम लगातार जारी है।

जेसीबी, डंपर और आधुनिक मशीनों की मदद

बड़े पैमाने पर जमा कचरे को तेजी से हटाने के लिए डंपर और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई स्थानों पर सफाई कार्य में आधुनिक मशीनों की भी मदद ली जा रही है, ताकि कम समय में अधिक क्षेत्र को साफ किया जा सके।

नगर निगम का प्रयास है कि कांवड़ यात्रा के दौरान उपयोग में आए प्रमुख मार्गों, पार्किंग क्षेत्रों और अस्थायी शिविर स्थलों को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाया जाए।

हर की पैड़ी और गंगा घाटों पर विशेष ध्यान

तीर्थनगरी के सबसे प्रमुख और संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हर की पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों की सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है। यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण विशेष सफाई व्यवस्था की आवश्यकता पड़ती है।

घाटों के आसपास जमा कचरे को हटाने के साथ ही क्षेत्र को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का काम किया जा रहा है।

कांवड़ पटरी मार्ग और विश्राम स्थलों की भी सफाई

कांवड़ियों द्वारा उपयोग किए गए पटरी मार्गों और अस्थायी विश्राम स्थलों पर भी विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इन क्षेत्रों से सिंगल-यूज प्लास्टिक, खाद्य सामग्री के पैकेट और अन्य ठोस कचरे को हटाया जा रहा है।

इसके अलावा बैरागी कैंप जैसे बड़े पार्किंग क्षेत्रों और रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डे के आसपास भी सफाई व्यवस्था तेज कर दी गई है।

बारिश के मौसम में संक्रमण रोकने की तैयारी

मानसून के दौरान गंदगी और जलभराव के कारण संक्रमण तथा बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए सफाई अभियान के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशकों के छिड़काव की व्यवस्था भी की जा रही है।

नगर निगम की कोशिश है कि कांवड़ यात्रा के बाद शहर में स्वच्छता के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाए।

चुनौती सिर्फ कचरा हटाने की नहीं

कांवड़ यात्रा हरिद्वार के लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रशासनिक और स्वच्छता व्यवस्था की बड़ी परीक्षा भी होती है। लाखों श्रद्धालुओं के लौटने के बाद शहर को फिर से सामान्य स्वरूप में लाना नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती है।

अब देखना यह होगा कि महा-सफाई अभियान कितनी तेजी से पूरा होता है और तीर्थनगरी हरिद्वार को पूरी तरह स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने में नगर निगम कितना सफल रहता है।

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