Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। 13 अगस्त को देहरादून, नैनीताल, टिहरी समेत सात जिलों में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 14 से 17 अगस्त के बीच प्रदेश के सभी जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदियों एवं बरसाती नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। 7 जिलों में आज तेज बारिश का येलो अलर्ट मौसम केंद्र देहरादून के अनुसार गुरुवार को देहरादून, नैनीताल और टिहरी सहित सात जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। 14 से 17 अगस्त तक पूरे प्रदेश पर नजर मौसम विभाग ने 14 से 17 अगस्त के बीच उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश जैसी स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और मलबा आने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में चारधाम यात्रा और पर्वतीय मार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में सड़कें प्रभावित बारिश और भूस्खलन का असर सड़क यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में 15 से अधिक ग्रामीण सड़कें प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बाधित होने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से बंद मार्गों को खोलने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम किया जा रहा है। देहरादून-मसूरी मार्ग का मंत्री ने किया निरीक्षण अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए देहरादून-मसूरी मार्ग का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सड़क के संवेदनशील हिस्सों पर तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए। मंत्री ने बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बारिश के दौरान किसी तरह की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके। प्रशासन और यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं अगले चार दिन 14 से 17 अगस्त के बीच मौसम खराब रहने की स्थिति में प्रशासन के सामने सड़क संपर्क बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से कमजोर हो चुके मार्गों पर बारिश का अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी और आपदा राहत उपकरण तैयार रखने, सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने तथा नदी-नालों के आसपास निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। आम लोगों से सावधानी की अपील मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं। पहाड़ों में बारिश के दौरान नदी, नाले और गदेरे पार करने का जोखिम न लें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन खड़ा करने से बचें। खासकर 14 से 17 अगस्त के बीच पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वालों को मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेकर ही घर से निकलना चाहिए। सवाल बड़ा है: जब मानसून पहले ही पहाड़ों में कई सड़क मार्गों को प्रभावित कर चुका है, तो अगले चार दिनों की संभावित भारी बारिश के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की तैयारियां कितनी मजबूत हैं? अब निगरानी के साथ-साथ समय पर कार्रवाई ही किसी बड़े नुकसान को रोकने में अहम भूमिका निभाएगी। Post Views: 2 Post navigation उत्तराखंड की बड़ी खबरें: जनसुनवाई में सीएम धामी सख्त, युवाओं को मुफ्त कोचिंग से लेकर चारधाम के रिकॉर्ड तक खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर बवाल, हल्द्वानी में कांग्रेस ने फूंका भाजपा का पुतला