रूस-यूक्रेन युद्ध 1000 दिनों के पार: 9 शहरों पर सबसे बड़ी बमबारी, ब्रिटेन को रूस की सीधी चेतावनी - "हमारे सैन्य अड्डे निशाने पर"
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कीव/मॉस्को/लंदन। रूस-यूक्रेन युद्ध ने एक बार फिर तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। पिछले 24 घंटों में दो ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने पूरे यूरोप को हिला दिया है। पहली – रूसी सेना ने यूक्रेन के 9 प्रमुख शहरों पर रात भर मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण बमबारी (Massive Barrage) की, जिसमें राजधानी कीव में आवासीय ब्लॉक, स्कूल और मेडिकल संस्थान खंडहर बन गए। दूसरी – रूस ने ब्रिटेन को सीधी और अब तक की सबसे बड़ी धमकी दी कि अगर यूक्रेन ने ब्रिटिश लंबी दूरी की मिसाइलों से रूसी जमीन पर हमला किया, तो रूसी सेना यूक्रेन के अंदर या बाहर किसी भी ब्रिटिश सैन्य ठिकाने को तबाह कर देगी।

1. कीव में कयामत की रात – 9 शहरों पर एक साथ हमला

यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक यह इस महीने का पांचवां बड़ा हमला था। रूस ने दर्जनों बैलिस्टिक, क्रूज और हाइपरसोनिक मिसाइलों के साथ 168 से ज्यादा शाहिद ड्रोनों का इस्तेमाल किया।

सबसे ज्यादा तबाही राजधानी कीव में हुई। कीव के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर टकाचेंको ने टेलीग्राम पर लिखा, “रूसी रिहायशी इमारतों पर हमला कर रहे हैं। लगभग हर जिले में कई बहुमंजिला अपार्टमेंट इमारतें क्षतिग्रस्त हैं”।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि कीव में 20 से ज्यादा जगहों पर नुकसान हुआ, जिसमें 30 रिहायशी इमारतें, एक स्कूल, एक चिल्ड्रन हॉस्पिटल, एक किंडरगार्टन और एक वेट क्लिनिक शामिल है। मलबा गिरने और आग लगने से हाई-राइज अपार्टमेंटों में आग लग गई।

शुरुआती आंकड़ों में 1 मौत और 16 घायलों की बात थी, लेकिन स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने बाद में बताया कि कीव क्षेत्र में 31 लोग घायल हुए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। कुछ रिपोर्ट्स में मरने वालों की संख्या 12 से 16 और घायलों की संख्या 40 तक बताई गई है। CNN के प्रोड्यूसर्स ने कीव में कई धमाके सुने और घंटों तक एयर रेड अलर्ट बजता रहा।

यह हमला सिर्फ कीव तक सीमित नहीं था। रिपोर्ट्स के मुताबिक 9 यूक्रेनी शहरों पर हमले हुए, जिनमें खारकीव, ओडेसा, द्निप्रो और जपोरिज्जिया भी शामिल हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने ड्रोन के पुर्जे बनाने वाली फैक्ट्रियों, सैन्य डिपो और लॉजिस्टिक्स हब को निशाना बनाया, लेकिन जमीनी तस्वीरें बता रही हैं कि सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों के घरों को हुआ है।

यह बमबारी ऐसे समय में हुई है जब यूक्रेन ने हाल के हफ्तों में रूस के अंदर, खासकर कुर्स्क क्षेत्र में लॉन्ग-रेंज ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।

2. ब्रिटेन को रूस की सीधी धमकी – “अंदर और बाहर, कहीं भी मारेंगे”

दूसरी और ज्यादा खतरनाक घटना मॉस्को से आई। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यदि यूक्रेन ने ब्रिटेन द्वारा दी गई लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक का इस्तेमाल रूसी धरती पर किया, तो रूस यूक्रेन के अंदर या उससे बाहर किसी भी ब्रिटिश सैन्य ठिकाने को निशाना बना सकता है।

अल जजीरा के मुताबिक यह ब्रिटेन को दी गई अब तक की सबसे सीधी धमकी है।

धमकी की वजह है ब्रिटेन का नया फैसला। ब्रिटेन ने सोमवार को घोषणा की थी कि वह यूक्रेन को Storm Shadow लॉन्ग-रेंज क्रूज मिसाइलों की क्लासीफाइड टेक्नोलॉजी देगा, ताकि यूक्रेन खुद ऐसी मिसाइलें बना सके जो रूस के अंदर 250 किलोमीटर से ज्यादा अंदर तक मार कर सकें। मॉस्को से लंदन की दूरी लगभग 2500 किलोमीटर है, इसलिए ब्रिटेन को डर है कि रूस की नई बैलिस्टिक मिसाइलें सीधे यूके तक मार कर सकती हैं।

यह पहली बार नहीं है। मई में भी रूस ने यही धमकी दी थी, जब तत्कालीन ब्रिटिश विदेश सचिव डेविड कैमरून ने कहा था कि कीव को “रूस पर पलटवार करने का पूरा अधिकार है”। अब रूस ने उस धमकी को दोहराते हुए उसे और गंभीर बना दिया है।

3. ब्रिटेन के कौन से ठिकाने निशाने पर हो सकते हैं?

ब्रिटिश मीडिया और मिलिट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक रूस के निशाने पर 6 तरह के ठिकाने हो सकते हैं:

1. नेवी बेस: पोर्ट्समाउथ, प्लायमाउथ और क्लाइड में परमाणु पनडुब्बियों के अड्डे।
2. विदेशी एयरबेस: साइप्रस में RAF अक्रोटिरी, दुबई में अल मिनहाद और हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया।
3. साइबर हमले: रूसी हैकर आर्मी ब्रिटेन की सरकारी वेबसाइटों, स्टॉक मार्केट, कम्युनिकेशन और पावर ग्रिड को ठप कर सकती है।
4. ड्रोन और हाइपरसोनिक मिसाइल: रूस के पास जिरकॉन जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं जो मिनटों में लंदन पहुंच सकती हैं।

रूस पहले ही दावा कर चुका है कि उसने कुर्स्क क्षेत्र में दो ब्रिटिश Storm Shadow मिसाइलों को मार गिराया है।

4. जेलेंस्की की गुहार – “Patriot दो, नहीं तो लोग मरेंगे”

इस भीषण बमबारी के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक बार फिर पश्चिमी देशों से Patriot एयर डिफेंस सिस्टम की मांग की है। जेलेंस्की ने कहा कि Patriot की कमी के कारण लोगों की जान जा रही है। रूस ने पिछले कुछ महीनों में बैलिस्टिक हमले तेज कर दिए हैं, जिनका जवाब सिर्फ Patriot ही दे सकता है।

यूक्रेन की वायुसेना के पास सोवियत काल की S-300 प्रणालियां हैं, जो हाइपरसोनिक मिसाइलों को नहीं रोक पा रही हैं।

5. आगे क्या? क्या तीसरा विश्व युद्ध करीब है?

यह टकराव अब सिर्फ रूस-यूक्रेन का नहीं रहा। ब्रिटेन द्वारा मिसाइल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को रूस सीधे NATO की भागीदारी मान रहा है। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इसे “युद्ध में सीधी भागीदारी” मानेगा।

अमेरिका ने भी यूक्रेन को लंबी दूरी के हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति दी है, लेकिन ब्रिटेन को मिली धमकी सबसे सीधी है क्योंकि ब्रिटेन यूक्रेन को खुद मिसाइल बनाना सिखा रहा है।

अगले 48 घंटे सबसे अहम हैं। अगर यूक्रेन ने Storm Shadow से रूस के अंदर किसी सैन्य अड्डे पर हमला किया, तो रूस सच में ब्रिटिश ठिकानों पर हमला कर सकता है, जो NATO के अनुच्छेद 5 को ट्रिगर कर देगा, यानी पूरे NATO का युद्ध में शामिल होना।

फिलहाल कीव में मलबा हटाने का काम चल रहा है, लोग मेट्रो स्टेशनों में रात बिता रहे हैं, और लंदन में COBRA इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई है।