मसूरी में रील बनाते गिरा दिल्ली का बैडमिंटन खिलाड़ी, मौत
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मसूरी। उत्तराखंड की क्वीन ऑफ हिल्स कही जाने वाली मसूरी में एक बार फिर रील और सेल्फी का खतरनाक शौक एक युवा की जिंदगी लील गया। मसूरी के सबसे व्यस्त और प्रसिद्ध लाइब्रेरी चौक स्थित व्यू प्वाइंट पर दिल्ली से घूमने आए एक 20 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी की गहरी खाई में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे हुआ, जब ज्यादातर पर्यटन स्थल खाली होते हैं और फिसलन सबसे ज्यादा होती है।

मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि

मृतक की पहचान शिवम सैनी (20 वर्ष) पुत्र अजय, निवासी नई दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार शिवम एक उभरता हुआ बैडमिंटन खिलाड़ी था और अपने दोस्तों के साथ मसूरी घूमने आया था। वह शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट था, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी।

स्थानीय लोगों के अनुसार शिवम सुबह-सुबह लाइब्रेरी चौक के व्यू प्वाइंट पर घाटी का वीडियो बना रहा था। मसूरी में इस समय लगातार बारिश हो रही है, जिससे व्यू प्वाइंट की रेलिंग और किनारे की जमीन पर काई और फिसलन बनी हुई है।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार शिवम वीडियो और रील बनाने के दौरान व्यू प्वाइंट के बिल्कुल किनारे पर खड़ा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह संतुलन खो बैठा। देखते ही देखते वह करीब 100 से 120 फीट गहरी खाई में जा गिरा।

घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय दुकानदारों और मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मसूरी कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

रेस्क्यू और अस्पताल में मौत

पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से खाई में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। गंभीर रूप से घायल शिवम को तुरंत एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल मसूरी पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार शिवम के सिर और रीढ़ में गंभीर चोटें आई थीं। डॉक्टरों ने काफी देर तक उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन ज्यादा खून बहने और सिर पर गहरी चोट लगने के कारण उसे मृत घोषित कर दिया गया।

एसएसआई सतेंद्र भाटी ने बताया कि मृतक की पहचान शिवम (20) पुत्र अजय, निवासी नई दिल्ली के रूप में हुई है और युवक मसूरी घूमने आया था। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

पुलिस जांच के घेरे में कई सवाल

पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शिवम उस समय अकेला था या उसके साथ कोई दोस्त भी मौजूद था जो घटना के बाद मौके से चला गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि पता चल सके कि हादसा पूरी तरह दुर्घटना थी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी से हुआ।

मसूरी में व्यू प्वाइंट पर सुरक्षा रेलिंग कई जगह से टूटी हुई है। बरसात में यह जगह और भी खतरनाक हो जाती है, लेकिन इसके बावजूद पर्यटक रील बनाने के लिए रेलिंग से बाहर निकल जाते हैं।

उत्तराखंड में रील के लिए जान गंवाने का बढ़ता ट्रेंड

यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले दो सालों में उत्तराखंड में रील और सेल्फी बनाते समय कई पर्यटकों की मौत हो चुकी है। मसूरी, ऋषिकेश, नैनीताल, और औली जैसे पर्यटन स्थलों पर इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं। पिछले साल ही ओल्ड मसूरी रोड पर दो युवक गहरी खाई में गिर गए थे, जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज के चक्कर में युवा जान जोखिम में डाल रहे हैं। पहाड़ों में एक छोटी सी चूक सीधे मौत की खाई में ले जाती है।

प्रशासन की अपील – पहाड़ों में रील नहीं, सुरक्षा जरूरी

मसूरी प्रशासन और पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है:

1. बरसात के मौसम में व्यू प्वाइंट और खाई किनारे जाने से बचें।
2. रेलिंग से बाहर निकलकर रील या सेल्फी बिल्कुल न बनाएं।
3. सुबह-शाम कोहरे और फिसलन ज्यादा होती है, इस समय किनारे पर न जाएं।
4. किसी भी आपात स्थिति में 112 या एसडीआरएफ 108 पर कॉल करें।

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या एक रील की कीमत जिंदगी से बड़ी है? हिमालयवाणी  आप सभी पर्यटकों से अपील करता है कि पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लें, लेकिन सुरक्षा को सबसे पहले रखें।

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