Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने के आसार हैं। HIMALAVANI की टीम जब मौके पर पहुंची तो नगर निगम परिसर में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट नजर आए। सात सूत्रीय मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी यूनियन ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। यूनियन पदाधिकारियों ने HIMALAVANI को बताया कि उनकी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडे और शहरी विकास सचिव नीतेश झा के साथ दो दौर की वार्ता हो चुकी है। वार्ता में सरकार ने सात में से छह मांगों पर सहमति जताई थी, जिसके बाद कर्मचारियों ने अपना धरना स्थगित कर दिया था। लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी शासन स्तर से किसी भी मांग पर आदेश जारी नहीं हुआ है। सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सुनील कुमार ने HIMALAVANI से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांग मानदेय बढ़ाकर 800 रुपये प्रतिदिन करने की है। HIMALAVANI को जानकारी मिली है कि देहरादून नगर निगम बोर्ड में मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव पहले ही पास हो चुका है, लेकिन शासन स्तर पर यह मामला अभी भी लंबित है। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर 1000 रुपये प्रतिदिन मानदेय का प्रस्ताव पास किया गया है। उनका दावा है कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी सफाई कर्मचारियों का मानदेय 1000 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। ऐसे में उत्तराखंड में मानदेय बढ़ाने में देरी समझ से परे है। कर्मचारियों का कहना है कि करीब 13 हजार रुपये मासिक आय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा यूनियन ने सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा, मोहल्ला स्वच्छता समिति, डेली वेज और स्थायी कर्मचारी जैसी अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर शोषण करने का आरोप लगाया। पदाधिकारियों ने कहा कि नाम चाहे कंपनी का हो या मोहल्ला स्वच्छता समिति का, सभी का काम शहर की सफाई करना है। स्थानीय लोगों ने HIMALAVANI को बताया कि अगर हड़ताल होती है तो शहर में फिर से कूड़े के ढेर लग जाएंगे। पुलिस ने बताया कि धरना स्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। एक भावनात्मक पहलू यह है कि जो हाथ हर सुबह अंधेरे में शहर को साफ करते हैं, वही हाथ आज अपने परिवार के लिए मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मौके पर एक स्थानीय कमी भी नजर आई। धरना स्थल के पास कूड़ाघर की दीवार टूटी हुई है, जिससे कचरा सड़क पर फैला रहता है और पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। यूनियन अध्यक्ष सुनील कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। Post Views: 12 Post navigation Haldwani BJP Meeting: 2027 में जीत की हैट्रिक का दावा Dehradun Protest: Akanksha Negi बयान पर सिख समाज में आक्रोश