Spread the loveदेहरादून। कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी की बेटी आकांक्षा नेगी द्वारा सिख और पंजाबी समाज को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद प्रदेश भर में विरोध तेज हो गया है। इस मामले को लेकर देहरादून के गांधी पार्क में सिख समाज धरने पर बैठा है। HIMALAVANI की टीम को मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत की मौजूदगी में आकांक्षा नेगी ने सिख समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। इस वीडियो के सामने आने के बाद देहरादून, ऋषिकेश और रुड़की तक में आक्रोश फैल गया है। सिख और पंजाबी समाज के वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि देहरादून में एसएसपी कार्यालय के घेराव के दौरान रायपुर विधायक को लेकर कथित तौर पर ‘बाहरी’ और ‘पाकिस्तानी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरे समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और सिख समाज के नेता कुंवर जपेंद्र सिंह कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदर्शनकारी गांधी पार्क में धरने और आमरण अनशन पर बैठे हैं। धरने पर बैठे एक बुजुर्ग ने HIMALAVANI से कहा – “हमने अपना खून पसीना देकर इस देहरादून को बसाया है, आज अपने ही प्रदेश में हमें बाहरी कहा जा रहा है, इससे बड़ा दुख क्या होगा।” इधर उत्तरांचल पंजाबी एकता महासभा और कई सिख संगठनों ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने एक से दो सप्ताह के भीतर प्रदेश स्तरीय महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों ने पहले आकांक्षा नेगी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम खत्म होने के बाद अब रुड़की, हरिद्वार और आस-पास के क्षेत्रों से भी पंजाबी समाज के लोग देहरादून पहुंच रहे हैं, जिससे आंदोलन और बड़ा होता जा रहा है। दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन भी अलर्ट पर है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। सिख समाज के प्रतिनिधि लगातार मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि राजनीतिक लाभ के लिए समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाया जा रहा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। देहरादून जैसे शांत शहर में जहां सभी धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते हैं, वहां ऐसे बयानों से भाईचारे में दरार पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस तरह के मामलों में पहले ही सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि माहौल खराब न हो। फिलहाल गांधी पार्क में धरना जारी है और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सार्वजनिक माफी और कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAVANI Post Views: 15 Post navigation Uttarakhand Safai Karmachari Protest: CM आवास घेराव की बड़ी चेतावनी Badrinath Dham Tragedy: तप्त कुंड में डूबने से दो सगी बहनों की मौत