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सरे, कनाडा। ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में मकान मालिक और किरायेदार के बीच बारबेक्यू को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। भारतीय मूल की महिला राज तिवाना की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इंटरनेट पर कुछ पोस्ट में इसे बीफ पकाने के विरोध से जोड़कर पेश किया जा रहा है, जबकि उपलब्ध विवरणों में मकान मालिक-किरायेदार के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद और कथित संपत्ति नुकसान के आरोपों का भी उल्लेख है।

जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब करीब 50 वर्षीय किरायेदार अपने दोस्त के साथ घर के बगीचे में ग्रिल पर खाना बना रहा था। मकान मालकिन ने दीवार पर लगे दागों का हवाला देते हुए BBQ करने पर आपत्ति जताई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई।

वायरल वीडियो में महिला द्वारा ग्रिल से रखे गए खाने को हटाने की कोशिश करते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है। इसके बाद सामने आए अन्य वीडियो में किरायेदार के कमरे का दरवाजा क्षतिग्रस्त होने और महिला द्वारा कथित तौर पर पत्थर फेंके जाने की घटनाएं दिखाई गई हैं। इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को धार्मिक विवाद का रूप दिया जा रहा है। कुछ पोस्ट में दावा है कि महिला ने बीफ पकाने का विरोध किया था। हालांकि, उपलब्ध समाचार विवरणों में यह भी कहा गया है कि विवाद केवल खाने को लेकर नहीं था, बल्कि मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे मतभेदों से जुड़ा था।

मामले में पुलिस कार्रवाई के संबंध में रिपोर्टों में उत्पीड़न, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति प्रवेश जैसे आरोपों का उल्लेख है। नो-कॉन्टैक्ट ऑर्डर के उल्लंघन का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए सरे पुलिस या अदालत के आधिकारिक रिकॉर्ड की जरूरत है।

कनाडा में मकान मालिक होने का अधिकार किरायेदार के निजी आवास में मनमाने ढंग से प्रवेश करने या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देता। ऐसे विवादों में दोनों पक्षों के अधिकार और जिम्मेदारियां स्थानीय कानूनों के तहत तय होते हैं।

राज तिवाना की गिरफ्तारी से जुड़ी घटना पर सोशल मीडिया में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पुलिस की आधिकारिक जानकारी और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम का इंतजार करना जरूरी है।