H1N1 Alert: देहरादून में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, टीमें घर-घर पहुंचीं
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देहरादून। जिले में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 400 के पार पहुंच गई है और इनमें सबसे ज्यादा मामले देहरादून जिले से सामने आ रहे हैं। लगातार नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच का काम तेज कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में अब तक 408 से ज्यादा लोगों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें देहरादून में मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से जानकारी जुटा रही हैं। जिन घरों में बुखार, खांसी या गले में परेशानी जैसे लक्षण वाले लोग मिल रहे हैं, उनकी स्क्रीनिंग की जा रही है।

अधिकारियों की नजर उन लोगों पर भी है जो संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए हैं। ऐसे लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। जरूरत पड़ने पर उनकी जांच कराने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग उनकी स्थिति पर भी नजर रख रहा है। बाहर से आने-जाने वाले लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री भी देखी जा रही है, ताकि संक्रमण के फैलने की वजह का पता लगाया जा सके।

डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान वायरल और फ्लू के मामले बढ़ सकते हैं। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को लगातार तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, बदन दर्द या सांस लेने में परेशानी हो रही है तो इसे सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्षण ज्यादा होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

देहरादून के अस्पतालों में भी H1N1 को देखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को अलग रखकर इलाज करने की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नए मामलों की जानकारी मिलने पर संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जा रही है।

H1N1 के साथ-साथ डेंगू के मरीज भी सामने आने से स्वास्थ्य विभाग के सामने दोहरी चुनौती है। ऐसे में लोगों से भी सावधानी बरतने को कहा गया है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचने, खांसते या छींकते समय मुंह ढकने और बीमारी के लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें आने वाले दिनों में भी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी जारी रखेंगी। अधिकारियों का कहना है कि समय पर पहचान और इलाज से संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है।