Spread the loveऋषिकेश। मानसून के बाद रोमांच पसंद पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। ऋषिकेश में 24 सितंबर से व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग के दूसरे चरण की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। गंगा का जलस्तर सामान्य होने के बाद निर्धारित राफ्टिंग क्षेत्र में गतिविधियां दोबारा शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही राफ्टिंग के लिए नई आधिकारिक शुल्क दरें भी लागू की गई हैं। मानसून के दौरान गंगा में जलस्तर और बहाव बढ़ने के कारण सुरक्षा को देखते हुए रिवर राफ्टिंग पर रोक रहती है। अब नदी की स्थिति सामान्य होने के बाद राफ्टिंग संचालकों को फिर से पर्यटकों को यह रोमांचक गतिविधि कराने की अनुमति मिल गई है। सीजन शुरू होने के साथ ही ऋषिकेश में पर्यटन गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है। ऋषिकेश लंबे समय से देशभर के पर्यटकों के बीच रिवर राफ्टिंग के लिए प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान रखता है। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के विभिन्न राज्यों से पर्यटक यहां गंगा की लहरों के बीच राफ्टिंग का अनुभव लेने पहुंचते हैं। राफ्टिंग सीजन शुरू होने से होटल, कैंप, टैक्सी, राफ्टिंग ऑपरेटर और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। राफ्टिंग के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। संचालकों और गाइडों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। पर्यटकों को भी लाइफ जैकेट समेत आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे और निर्धारित नियमों के अनुसार ही राफ्टिंग कराई जाएगी। नई शुल्क दरों के लागू होने के बाद पर्यटकों को राफ्टिंग कराने से पहले निर्धारित किराये की जानकारी लेना जरूरी होगा। अलग-अलग राफ्टिंग रूट और दूरी के अनुसार शुल्क में अंतर हो सकता है। 24 सितंबर से शुरू हुए राफ्टिंग सीजन के साथ अब ऋषिकेश में गंगा की लहरों पर रोमांच का दौर फिर लौट आया है। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 10 Post navigation उत्तराखंड में बिजली संकट गहराया, पीक आवर्स में 350 MW की कमी बैंक हड़ताल से पहले कर्मचारियों-पेंशनरों को मिलेगा सितंबर का वेतन, 26 सितंबर तक भुगतान के निर्देश