Spread the loveनैनीताल। उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने शनिवार को नैनीताल जिले की धारी तहसील में रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को ₹30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी की पहचान निर्मल बोरा के रूप में हुई है। विजिलेंस के अनुसार, ग्राम मौड़ा निवासी एक ग्रामीण ने भूमि की नाप-जोख और पैमाइश कराने के लिए पटवारी से संपर्क किया था। आरोप है कि संबंधित कार्य के एवज में पटवारी ने ग्रामीण से ₹30 हजार की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने मामले की शिकायत उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान की एंटी करप्शन हेल्पलाइन 1064 पर की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की ओर से मामले का प्रारंभिक सत्यापन कराया गया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद हल्द्वानी विजिलेंस की विशेष ट्रैप टीम गठित की गई। शनिवार को टीम ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर कार्रवाई की योजना बनाई। बताया गया कि जैसे ही शिकायतकर्ता ने धारी तहसील कार्यालय में पटवारी निर्मल बोरा को कथित तौर पर ₹30 हजार की रिश्वत दी, उसी दौरान पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विजिलेंस टीम द्वारा आरोपी के हल्द्वानी स्थित आवास पर भी तलाशी की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने कार्रवाई करने वाली ट्रैप टीम की सराहना की और टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। विजिलेंस अधिकारियों ने आम लोगों से भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें सामने आने पर एंटी करप्शन हेल्पलाइन 1064 पर सूचना देने की अपील की है। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 10 Post navigation गंगोत्री-गोमुख ट्रेक पर हादसा, महाराष्ट्र का 65 वर्षीय पर्यटक लापता ₹40 का पेट्रोल भरवाकर पेट्रोल पंप पर लूट, दो दिन में पकड़े गए दो आरोपी