Spread the loveरुद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर चीरबासा क्षेत्र के पास भारी बारिश के बीच भूस्खलन होने से यात्रा प्रभावित हो गई। पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर आने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा को अगले आदेश तक रोक दिया है। जानकारी के अनुसार, चीरबासा क्षेत्र में भूस्खलन के बाद करीब 1,500 तीर्थयात्रियों के मार्ग में फंसे होने की सूचना मिली। इसके बाद SDRF, NDRF, पुलिस और स्थानीय बचाव टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रातभर चले अभियान के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड पहुंचाया गया। लगातार बारिश और पहाड़ी से पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की अपील की है। सोनप्रयाग और गौरीकुंड सहित संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। भूस्खलन के बाद पैदल मार्ग पर आए मलबे और बोल्डर को हटाने का काम भी शुरू किया गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें मार्ग को सुरक्षित बनाने और आवागमन बहाल करने के लिए जुटी हैं। हालांकि, मौसम की स्थिति और पहाड़ी से लगातार मलबा आने की आशंका को देखते हुए यात्रा बहाली का निर्णय परिस्थितियों का आकलन करने के बाद लिया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा करने से बचें और स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर्वतीय और संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है। बारिश के दौरान भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 24 Post navigation हरिद्वार नगर निगम Board Meeting में हंगामा, पुराने प्रस्तावों की प्रतियां जलाकर कांग्रेस पार्षदों ने जताया विरोध हरिद्वार Hotel Ashoka पर GST Action, 20 लाख की ITC का मामला