Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता सूचियों के सत्यापन और सुधार की प्रक्रिया चल रही है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में मतदाता सूचियों के क्रॉस-वेरिफिकेशन के दौरान ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके नाम दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज पाए गए। सीमावर्ती जिलों में दोहरे नामों का सत्यापन चुनाव आयोग ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पांच सीमावर्ती जिलों में मतदाता सूचियों के मिलान के लिए DSE (Data Similar Entry) और PSE (Photo Similar Entry) तकनीक का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया में करीब 96 हजार ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए, जिनकी प्रविष्टियां दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में होने की संभावना सामने आई। इसके बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा संबंधित मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया। निर्वाचन नियमों के अनुसार एक व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों की मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए। सत्यापन के दौरान मतदाता से उसके वास्तविक निवास और मतदाता पंजीकरण से संबंधित जानकारी ली जा रही है। घर बैठे ऐसे चेक करें अपना नाम मतदाता अपने नाम की स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के Voters’ Service Portal पर जाकर EPIC नंबर यानी वोटर आईडी नंबर से खोज की जा सकती है। नाम, पिता का नाम और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर भी मतदाता सूची में अपना रिकॉर्ड देखा जा सकता है। किसी तरह की समस्या या जानकारी के लिए निर्वाचन आयोग की हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। नाम जोड़ने और गलती सुधारने के लिए कौन सा फॉर्म? यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है तो Form-6 के माध्यम से नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन किया जा सकता है। मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने या संबंधित आपत्ति दर्ज करने के लिए Form-7 का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं नाम, जन्मतिथि, फोटो, पता या अन्य विवरण में संशोधन के लिए Form-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। आधार से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए Form-6B का प्रावधान है। आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत? आवेदन के प्रकार के अनुसार उम्र और निवास से संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। इनमें जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की मार्कशीट, आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली-पानी-गैस का बिल, बैंक पासबुक या अन्य स्वीकार्य दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। दस्तावेज वही लगाए जाने चाहिए जो संबंधित निर्वाचन प्राधिकरण द्वारा उस आवेदन के लिए स्वीकार किए जाते हों। 3 अक्टूबर को आएगी अंतिम मतदाता सूची SIR-2026 के तहत दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होने का कार्यक्रम है। अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाता अपने नाम और विवरण की दोबारा जांच कर सकेंगे तथा पात्र मतदाता उपलब्ध होने पर अपना e-EPIC ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 8 Post navigation Doiwala College Election में बड़ा उलटफेर, USF ने ABVP-NSUI को पछाड़ा दो सुमित, एक वोट का अंतर और फिर पर्ची से फैसला, SSJ अल्मोड़ा में उपाध्यक्ष चुनाव का बदला परिणाम