Spread the loveदेहरादून। दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) में सम सेमेस्टर की परीक्षाओं के दौरान सामने आए पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। मामले में पुलिस ने शिवालिक कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे अगले 7 वर्षों तक किसी भी विश्वविद्यालय संबंधी परीक्षा कार्य से प्रतिबंधित कर दिया है। पेपर लीक प्रकरण के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रणाली में भी बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब निजी कॉलेजों के शिक्षक नहीं बनाएंगे प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नया नियम लागू किया है। इसके तहत अब निजी (Private) इंजीनियरिंग और प्रोफेशनल कॉलेजों के शिक्षक विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र तैयार नहीं कर सकेंगे। अब प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी केवल सरकारी संस्थानों, विश्वविद्यालय के अधिकृत शिक्षकों या चयनित विशेषज्ञों को ही दी जाएगी। माना जा रहा है कि इससे प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना काफी हद तक कम होगी। दो परीक्षाएं हुई थीं रद्द सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय ने जांच कराई थी। प्रारंभिक जांच में पेपर लीक की पुष्टि होने पर बी.टेक. की दो परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई थीं। विश्वविद्यालय ने छात्रों के हितों को देखते हुए अब इन दोनों परीक्षाओं को अगस्त के तीसरे सप्ताह में दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया है। नई परीक्षा तिथि जल्द आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी। पुलिस जांच जारी पेपर लीक मामले की जांच पुलिस द्वारा जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि प्रश्नपत्र किस प्रकार बाहर पहुंचा और इसमें अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। विश्वविद्यालय ने दिए सख्त निर्देश विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई नए सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। इसके अलावा प्रश्नपत्र तैयार करने, सुरक्षित रखने और वितरण की पूरी प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है। छात्रों के लिए राहत विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट एवं नोटिस के माध्यम से जारी होने वाली सूचनाओं पर ही भरोसा करें। जिन परीक्षाओं को निरस्त किया गया था, उनके लिए छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। Post Views: 9 Post navigation डोईवाला में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, छोटे किसानों के हितों की सुरक्षा की मांग उत्तराखंड की 25 जुलाई 2026 की प्रमुख खबरें: मौसम अलर्ट, कारगिल विजय दिवस, कांवड़ यात्रा और SGST राजस्व में 24% बढ़ोतरी