अपने ही कार्यकर्ताओं के निशाने पर खजान दास, आवास के बाहर प्रदर्शन
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देहरादून। उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर ही असंतोष खुलकर सामने आ गया है। चकराता क्षेत्र से जुड़े भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार को समाज कल्याण मंत्री खजान दास के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेता मधु चौहान समेत चकराता क्षेत्र के कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने 11 सितंबर को जारी अनुसूचित जाति उप योजना (SCSP) और जनजाति उप योजना (TSP) से संबंधित योजनाओं की सूची को लेकर सवाल उठाए।

योजनाओं के चयन को लेकर कार्यकर्ताओं की नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चकराता क्षेत्र से उनके द्वारा दिए गए प्रस्तावों को योजनाओं में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली। उनका दावा है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर विपक्ष से जुड़े लोगों को योजनाओं का लाभ दिया गया।

कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से योजनाओं के आवंटन में कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

मधु चौहान ने योजनाओं की सूची की दोबारा समीक्षा कराने और कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने मामले को मुख्यमंत्री के सामने भी रखने की बात कही है।

खजान दास ने आरोपों पर क्या कहा?

प्रदर्शन के बाद मंत्री खजान दास ने योजनाओं में किसी तरह के भेदभाव के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि वह केवल चकराता क्षेत्र के नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के मंत्री हैं और विभाग को अलग-अलग क्षेत्रों से जो प्रस्ताव मिले, उन्हीं के आधार पर योजनाओं को मंजूरी दी गई।

मंत्री के मुताबिक योजनाओं के लिए प्राप्त प्रस्तावों और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर निर्णय लिया गया है। उन्होंने प्रदर्शनकारी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर मामले की समीक्षा का आश्वासन भी दिया।

आरोप साबित हुए तो इस्तीफे की बात

विवाद के बीच खजान दास ने अपने ऊपर लगाए गए भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोपों पर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि अगर उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और आत्महत्या करने की बात भी कही।

यह बयान मंत्री की ओर से दिया गया है; लगाए गए आरोपों की वास्तविकता किसी जांच या आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।

विवाद के बीच भाजपा के भीतर बढ़ी हलचल

मामला यहीं नहीं रुका। सोमवार को चकराता क्षेत्र के करीब 60 कार्यकर्ता भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। रिपोर्टों के मुताबिक ये कार्यकर्ता पार्टी में शामिल होने के लिए पहुंचे थे, लेकिन मंत्री खजान दास के विरोध के बाद उनकी जॉइनिंग नहीं हो सकी और उन्हें वापस लौटना पड़ा।

अब इस पूरे विवाद में निगाहें सरकार और भाजपा संगठन की अगली कार्रवाई पर हैं। दूसरी ओर, योजनाओं के चयन को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित रिकॉर्ड और प्रक्रिया की समीक्षा के बाद ही स्पष्ट होगी।

रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI

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