Spread the love देहरादून। दैनिक प्रभातवाणी। उत्तराखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। देहरादून स्थित वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UKTU) में सम सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने का गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर दो विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल होने की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दोनों परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। जानकारी के अनुसार, ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ तथा ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ विषयों के प्रश्नपत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हुए। मामला विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच कराई गई, जिसमें प्रारंभिक स्तर पर प्रश्नपत्र वायरल होने की पुष्टि हुई। इसके बाद छात्रों के हित और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल रद्द करने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर मानते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ, इसमें किसी कर्मचारी, परीक्षा केंद्र, प्रिंटिंग एजेंसी अथवा बाहरी व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं, और लीक के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ विश्वविद्यालय नियमों के साथ-साथ आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई का फैसला विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों पर 7 वर्षों तक विश्वविद्यालय की परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यदि जांच में किसी कर्मचारी, परीक्षा केंद्र या अन्य संबंधित व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ सेवा नियमों और प्रचलित कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों की बढ़ी चिंता परीक्षा रद्द होने से हजारों छात्र-छात्राओं में चिंता और निराशा का माहौल है। कई विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक की वजह से उन्हें मानसिक तनाव और समय दोनों का नुकसान उठाना पड़ा। अब छात्र नई परीक्षा तिथि की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। जल्द जारी होगा नया परीक्षा कार्यक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित विषयों की नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिसों पर ही भरोसा करें तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं से बचें। परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर उठे सवाल यह घटना एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने, सुरक्षित रखने, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यदि समय रहते कठोर और पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास प्रभावित हो सकता है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। Post Views: 6 Post navigation हल्द्वानी में दर्दनाक हादसा: भूमिगत पानी की टंकी में दम घुटने से दो लोगों की मौत, गांव में पसरा मातम उत्तराखंड मौसम अपडेट: चार जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, भूस्खलन से कई सड़कें बंद