हल्द्वानी में दर्दनाक हादसा: भूमिगत पानी की टंकी में दम घुटने से दो लोगों की मौत, गांव में पसरा मातम
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हल्द्वानी। दैनिक प्रभातवाणी । 

  नैनीताल जिले के गौलापार क्षेत्र के मानपुर पश्चिम गांव से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। घरेलू निर्माण कार्य के दौरान एक भूमिगत पानी की टंकी (अंडरग्राउंड वाटर टैंक) में उतरने से दम घुटने के कारण दो लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन मकान में बनी भूमिगत पानी की टंकी का शटरिंग खोलने और उसकी सफाई का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति टंकी के अंदर उतरा, लेकिन कुछ ही देर में वह बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बाहर निकालने के उद्देश्य से दूसरा व्यक्ति भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के टंकी में उतर गया। दुर्भाग्यवश, वह भी जहरीली गैसों और ऑक्सीजन की कमी की चपेट में आ गया। जब दोनों काफी देर तक बाहर नहीं आए तो आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें निकालने का प्रयास किया और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत दल मौके पर पहुंचे। दोनों को टंकी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है और लोगों में इस प्रकार के निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही को लेकर चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भूमिगत पानी की टंकियां, सेप्टिक टैंक, कुएं और अन्य बंद स्थान लंबे समय तक बंद रहने पर बेहद खतरनाक हो सकते हैं। इनमें ऑक्सीजन का स्तर तेजी से कम हो सकता है तथा कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो सकती हैं। ऐसे स्थानों में बिना जांच और सुरक्षा उपकरणों के प्रवेश करना कुछ ही मिनटों में जानलेवा साबित हो सकता है।

सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • किसी भी भूमिगत टैंक या बंद स्थान में उतरने से पहले गैस डिटेक्टर से ऑक्सीजन और जहरीली गैसों की जांच कराएं।
  • टंकी का ढक्कन खोलने के बाद पर्याप्त समय तक उसे खुला रखें और ब्लोअर या एग्जॉस्ट फैन से ताजी हवा अंदर भेजें।
  • बिना सुरक्षा हार्नेस, सेफ्टी रोप और आवश्यक श्वसन सुरक्षा उपकरण के अंदर प्रवेश न करें।
  • कभी भी अकेले टंकी में न उतरें। बाहर प्रशिक्षित लोग मौजूद रहें।
  • यदि कोई व्यक्ति अंदर बेहोश हो जाए तो बिना सुरक्षा उपकरण के उसे बचाने के लिए दूसरा व्यक्ति अंदर न जाए। तुरंत फायर सर्विस, एसडीआरएफ या आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें।

यह दर्दनाक हादसा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि घरेलू निर्माण कार्यों में भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी-सी सावधानी और उचित सुरक्षा व्यवस्था कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी भूमिगत या बंद टंकी में उतरने से पहले पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें और जोखिम भरे कार्यों में लापरवाही बिल्कुल न बरतें।