Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून की बारिश का दौर लगातार जारी है। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है। कई स्थानों पर भूस्खलन, भू-धंसाव और सड़कें बंद होने से आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। 215 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान लगातार बारिश और आपदा की घटनाओं से प्रदेश में सड़कों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, बरसात के दौरान राज्य की सड़कों को अब तक 215 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। मंगलवार सुबह तक प्रदेश में 150 से ज्यादा सड़कें बंद थीं, जबकि दिनभर में 48 सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया। लगातार बारिश के कारण बंद सड़कों को खोलने के काम में भी मुश्किलें आ रही हैं। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में पहाड़ों से मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे सड़क संपर्क प्रभावित होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों और यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। हरिद्वार के मनसा देवी क्षेत्र में भूस्खलन हरिद्वार में मनसा देवी की पहाड़ी से मंगलवार को चट्टान और मलबा गिरने के कारण भीमगोड़ा क्षेत्र में कुंड से खेमानंद मार्ग को जोड़ने वाला रास्ता बंद हो गया। सड़क पर मलबा आने के बाद उसे हटाने का काम देर शाम तक जारी रहा। वहीं, पथरी क्षेत्र के सुगरासा में रो नदी पर बना रपटा बह जाने से चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क और जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ा। चकराता में भूस्खलन, हाईवे पर आवाजाही प्रभावित देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र में भी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। चकराता-त्यूणी-मसूरी हाईवे पर सिविल कोर्ट चकराता और चिरमिरी के बीच मलबा आने से आवाजाही बाधित हुई। लोक निर्माण विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से सड़क खोलने का काम शुरू किया। उत्तरकाशी में नौगांव-पौंटी-राजगढ़ी मार्ग पर पौंटी पुल के पास भू-धंसाव से यातायात ठप हुआ। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ से जानकीचट्टी के बीच सड़क बार-बार बंद होने की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ों में आज भी तेज बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के 12 अगस्त के जिला स्तरीय पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश हो सकती है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछार की संभावना है। 13 अगस्त को देहरादून, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर को लेकर भी चेतावनी है। 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। चंपावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 15 अगस्त को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसका मतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन भी मौसम को लेकर प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। सीमा क्षेत्र में भी बारिश का असर अतिवृष्टि के कारण ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर तमक नाले में पुल बहने के बाद प्रशासन ने तेजी से वैकल्पिक संपर्क मार्ग तैयार किया। ह्यूम पाइप डालकर वाहनों की आवाजाही बहाल की गई। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। 15 अगस्त को लेकर प्रशासन की तैयारियां तेज बारिश और आपदा के बीच प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां भी जोर पकड़ चुकी हैं। देहरादून के परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शामिल होने की जानकारी है। जिला प्रशासन की ओर से मुख्य मंच, पुलिस परेड, ध्वजारोहण और अतिथियों के लिए व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, राज्य आंदोलनकारियों, खिलाड़ियों तथा उत्कृष्ट सेवा करने वाले पुलिस और विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। हरिद्वार में भी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार हरिद्वार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। प्रशासन के अनुसार सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सुबह नौ बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। जिला कार्यालय परिसर में सुबह 9:30 बजे मुख्य अतिथि या प्रभारी मंत्री द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। स्कूलों में सुबह प्रभात फेरी, खेलकूद, विचार गोष्ठी, वाद-विवाद, निबंध लेखन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित करने की भी योजना है। 14 अगस्त की रात से सरकारी भवनों को एलईडी लाइटों से रोशन करने और प्रमुख चौराहों पर देशभक्ति गीतों का प्रसारण करने की भी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग और रेडक्रॉस के सहयोग से रक्तदान शिविर लगाने तथा नगर निकायों के माध्यम से स्मारकों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की सफाई कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती एक ओर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण सड़क, पुल और संपर्क मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 15 अगस्त के राज्य और जिला स्तरीय कार्यक्रमों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने आपदा प्रबंधन के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोहों की सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने की दोहरी चुनौती है। मुख्यमंत्री ने निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने तथा प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री और दवाइयों की आपूर्ति बाधित न होने देने के निर्देश दिए हैं। करारा सवाल: बारिश के बीच पहाड़ों में कितनी सुरक्षित है आवाजाही? उत्तराखंड में मानसून के दौरान सड़कें खुलने के कुछ ही समय बाद दोबारा बंद होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरक्षित आवाजाही और समय पर चेतावनी पहुंचाना है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए अगले कुछ दिन भी प्रदेश के लिए बेहद सतर्कता वाले रहने वाले हैं। नोट: मौसम विभाग के आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार 12 से 15 अगस्त के बीच प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसलिए नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और बंद/संवेदनशील सड़क मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचना जरूरी है। Post Views: 2 Post navigation मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर बड़ा एक्शन: फार्मासिस्ट गायब, एक्सपायर दवाइयां मिलीं; लाइसेंस और फ्रिज में भी गड़बड़ी भारी बारिश के बीच CM धामी का सख्त निर्देश: स्थानीय हालात देखकर स्कूल-आंगनबाड़ी बंद करें DM, 24 घंटे अलर्ट रहें अधिकारी