Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पौड़ी गढ़वाल समेत कई जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बारिश के चलते पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हुआ है, जबकि नदियों और बरसाती गदेरों का जलस्तर भी बढ़ गया है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है। 120 से ज्यादा सड़कें बंद, हाईवे पर भी असर लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 120 से अधिक सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। बागेश्वर जिले में करीब 15 सड़कें जबकि चमोली में 20 से अधिक मार्ग प्रभावित बताए जा रहे हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़क खोलने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी लगाई गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग मौसम की स्थिति को देखते हुए लगातार बंद मार्गों को खोलने का प्रयास कर रहे हैं। यमुनोत्री मार्ग पर फंसे तीर्थयात्रियों का रेस्क्यू भारी बारिश के कारण यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर करीब 100 तीर्थयात्री फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रशासन और बचाव दलों ने मौसम की चुनौती के बीच अभियान चलाकर यात्रियों को सुरक्षित निकाला। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति और प्रशासन की एडवाइजरी को ध्यान में रखकर ही यात्रा करने की अपील की जा रही है। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश भारी बारिश और संभावित आपदा के खतरे को देखते हुए प्रभावित जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का यह कदम बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। 24 घंटे अलर्ट मोड पर प्रशासन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने और 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को भूस्खलन, सड़क बंद होने, जलभराव और अन्य आपदा संबंधी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं और आम लोगों से सावधानी की अपील मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों से अनावश्यक रूप से संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक भूस्खलन, सड़क धंसने और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। मौसम बिगड़ा तो यात्रा पर पड़ सकता है और असर उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में चारधाम यात्रा और पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बंद सड़कों को जल्द खोलने के साथ-साथ यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। फिलहाल राज्य में मौसम और आपदा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है कि मौसम साफ होने और मार्ग सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाएं। Post Views: 2 Post navigation Uttarakhand Breaking: खुद Chief Election Officer और नेता प्रतिपक्ष को मिला ‘SIR’ Notice, उत्तराखंड वोटर लिस्ट नोटिस पर सियासी बवाल पौड़ी में दर्दनाक सड़क हादसा: 250 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत