उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बोलेरो कार अनियंत्रित होकर लगभग 250 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में हरिद्वार के लक्सर के रहने वाले एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज श्रीनगर के बेस अस्पताल में चल रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार में सवार लोग पहाड़ों की सैर करने और अपनी एक साइट पर जा रहे थे।हादसे का मुख्य विवरणघटना का स्थान: देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर सबदरखाल के पास, कुंडधार नामक तीखा मोड़।वाहन का प्रकार: महिंद्रा बोलेरो (गाड़ी में कुल 7 लोग सवार थे)।हादसे का कारण: तीखे मोड़ पर अचानक वाहन से नियंत्रण खो जाना।पीड़ितों का मूल निवास: ग्राम रायपुर जीतपुर, लक्सर कोतवाली, जिला हरिद्वार।राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation)घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों के साथ पुलिस और SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। अत्यधिक गहरी और सीधी खाई होने के कारण रेस्क्यू टीम ने रस्सियों के सहारे नीचे उतरकर शवों और घायल को बाहर निकाला। 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस भीषण दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।इस भीषण हादसे और मौके पर चलाए गए पुलिस व SDRF के रेस्क्यू ऑपरेशन का ग्राउंड वीडियो आप यहाँ देख सकते हैं:4:28Uttarakhand Accident: देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर दर्दनाक हादसा ...16 hours agoYouTube · India News UP2:32उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में बड़ा हादसा हो गया. देवप्रयाग1.4K views · 17 hours agoFacebook · ETV Bharat Uttarakhand1:36पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने ...13K views · 14 hours agoInstagram · UTTARAKHAND EXCLUSIVEयदि आप इस दुर्घटना से जुड़ी मृतकों की पहचान, घायल की वर्तमान स्थिति या मार्ग सुरक्षा को लेकर प्रशासन के अपडेट के बारे में जानना चाहते हैं, तो कृपया मुझे बताएं।
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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पौड़ी गढ़वाल समेत कई जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

बारिश के चलते पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हुआ है, जबकि नदियों और बरसाती गदेरों का जलस्तर भी बढ़ गया है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है।

120 से ज्यादा सड़कें बंद, हाईवे पर भी असर

लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 120 से अधिक सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। बागेश्वर जिले में करीब 15 सड़कें जबकि चमोली में 20 से अधिक मार्ग प्रभावित बताए जा रहे हैं।

सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़क खोलने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी लगाई गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग मौसम की स्थिति को देखते हुए लगातार बंद मार्गों को खोलने का प्रयास कर रहे हैं।

यमुनोत्री मार्ग पर फंसे तीर्थयात्रियों का रेस्क्यू

भारी बारिश के कारण यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर करीब 100 तीर्थयात्री फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रशासन और बचाव दलों ने मौसम की चुनौती के बीच अभियान चलाकर यात्रियों को सुरक्षित निकाला।

चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति और प्रशासन की एडवाइजरी को ध्यान में रखकर ही यात्रा करने की अपील की जा रही है।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश

भारी बारिश और संभावित आपदा के खतरे को देखते हुए प्रभावित जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

प्रशासन का यह कदम बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

24 घंटे अलर्ट मोड पर प्रशासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने और 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन को भूस्खलन, सड़क बंद होने, जलभराव और अन्य आपदा संबंधी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं और आम लोगों से सावधानी की अपील

मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों से अनावश्यक रूप से संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक भूस्खलन, सड़क धंसने और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

मौसम बिगड़ा तो यात्रा पर पड़ सकता है और असर

उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में चारधाम यात्रा और पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बंद सड़कों को जल्द खोलने के साथ-साथ यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

फिलहाल राज्य में मौसम और आपदा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है कि मौसम साफ होने और मार्ग सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाएं।

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