काशीपुर में मासूम से दरिंदगी, ई-रिक्शा चालक पर पॉक्सो केस
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काशीपुर, ऊधमसिंह नगर।

ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर से एक बेहद गंभीर, संवेदनशील और मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कचनालगाजी क्षेत्र में 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई वारदात के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़िता की मां कचनालगाजी की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 6 सितंबर की शाम लगभग 5 बजे उनकी 6 वर्षीय बेटी घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस के ही गड्डा कॉलोनी निवासी ई-रिक्शा चालक फरमान ने बच्ची को इशारे से अपने पास बुलाया।

बच्ची को बहला-फुसलाकर आरोपी अपने ई-रिक्शा में बैठा ले गया और एक सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसने मासूम के साथ घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। गनीमत रही कि उसी दौरान वहां से गुजर रहे एक परिचित व्यक्ति की नजर ई-रिक्शा पर पड़ी। उसे कुछ संदिग्ध लगने पर उसने बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया और तुरंत उसके घर पहुंचाया।

बच्ची के घर पहुंचकर रोते हुए अपनी मां को आपबीती बताने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन तुरंत कोतवाली काशीपुर पहुंचे और आरोपी के खिलाफ तहरीर दी।

कौन सी धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?

बच्ची की मां की शिकायत के बाद काशीपुर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी फरमान के खिलाफ मुकदमा संख्या 386/26 पंजीकृत किया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(M)/6 के तहत दर्ज किया गया है।

BNS की धारा 65(2) 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ गंभीर यौन अपराध के लिए लगाई जाती है, जिसमें 20 साल के कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास और मृत्युदंड तक का प्रावधान है। वहीं POCSO एक्ट की धारा 5(M)/6 गंभीर पेनेट्रेटिव यौन हमले से संबंधित है, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए सबसे सख्त कानून माना जाता है।

पुलिस का एक्शन और वर्तमान स्थिति

काशीपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र चौधरी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पीड़िता नाबालिग होने के कारण कानूनन उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी गई है, जो पॉक्सो एक्ट का अनिवार्य प्रावधान है।

घटना के बाद से ही आरोपी फरमान फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 4 अलग-अलग टीमों का गठन किया है जो लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मेडिकल रिपोर्ट व जांच के बाद मामले में आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इलाके में आक्रोश, सुरक्षा पर सवाल

इस वारदात के बाद कचनालगाजी और गड्डा कॉलोनी इलाके में लोगों में भारी गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के घूम रहे ई-रिक्शा चालक बच्चों के लिए खतरा बन रहे हैं। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि सभी ई-रिक्शा चालकों का वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए।

अभिभावकों के लिए पुलिस की अपील

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने छोटे बच्चों को अकेले घर के बाहर न छोड़ें। किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जरूर समझाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत 112, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को सूचित करें।

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