Spread the loveदेहरादून। डोईवाला पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त टीम ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को 2022 बैच का UPSC अधिकारी और रेलवे सुरक्षा बल में सहायक सुरक्षा आयुक्त बताकर लोगों पर रौब झाड़ रहा था। आरोपी लच्छीवाला फ्लाईओवर के पास अपनी पहचान और पद का गलत इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस की जांच में उसकी पूरी कहानी फर्जी निकली। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान क्षितिज कुमार उर्फ स्मित कुमार (29 वर्ष) निवासी शिवाला कलां, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। आरोपी ने खुद को मुरादाबाद मंडल में रेलवे सुरक्षा बल का Assistant Security Commissioner (सहायक सुरक्षा आयुक्त) बताया था। वह अपनी मारुति सुजुकी अर्टिगा कार पर नीली बत्ती लगाकर घूम रहा था। मुरादाबाद मंडल में सत्यापन के बाद खुली पोल मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम को आरोपी की पहचान और पद को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद मुरादाबाद मंडल मुख्यालय से संपर्क कर उसके पद और तैनाती का सत्यापन कराया गया। जांच में सामने आया कि इस नाम का कोई अधिकारी वहां तैनात नहीं है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने खुद को फर्जी अधिकारी बताने की बात स्वीकार कर ली। कर्ज चुकाने के लिए रची फर्जी अधिकारी बनने की साजिश पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज चुकाने और आसानी से पैसे कमाने के उद्देश्य से उसने फर्जी सरकारी अधिकारी बनने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने RPF अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल किया और वर्दी से जुड़े प्रतीक चिह्न भी अपने पास रखे थे। पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद? पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया है: मारुति सुजुकी अर्टिगा कार, नंबर UK 07 HQ 2387। कार पर लगी अवैध नीली बत्ती। रेलवे सुरक्षा बल की एक पी-कैप (टोपी)। RPF का एक बैज। पुलिस ने वाहन को सीज कर दिया है। BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज, आरोपी जेल भेजा इस मामले में कोतवाली डोईवाला में मुकदमा संख्या 343/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204 और 205 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। डोईवाला पुलिस और RPF की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को प्रभावित करने का मामला सामने आया है। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर सकती है कि आरोपी ने इससे पहले कहीं सरकारी अधिकारी बनकर किसी व्यक्ति से ठगी तो नहीं की। रिपोर्ट : अजय सेमल्टी /HIMALAYAVANI Post Views: 1 Post navigation Doiwala के जवान Akash Chauhan का निधन, Pachmarhi में Bison के हमले से गई जान