Spread the loveदेहरादून। देहरादून में उत्तराखण्ड समानता पार्टी और अखिल भारतीय समानता मंच के संयुक्त तत्वावधान में समानता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में आरक्षण व्यवस्था, अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम-1989, जातीय आधार पर बने कानूनों, यूजीसी के प्रावधानों और सवर्ण समाज के लिए पृथक आयोग के गठन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखण्ड समानता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी.एस. नेगी ने की। मुख्य अतिथि स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज ने अपने संबोधन में जातीय आधार पर बनाए गए कुछ कानूनों में बदलाव की आवश्यकता पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके मत में कुछ प्रावधान सामाजिक सौहार्द के लिए चुनौती बन सकते हैं। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। ‘सच संविधान का’ पुस्तक के लेखक एवं एसएसपी के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट पंकज त्रिपाठी ने संविधान में हुए संशोधनों और सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व डीआईजी जुगल किशोर तिवारी, आईपीएस ने जातीय कानूनों को लेकर सामान्य वर्ग की ओर से व्यक्त की जाने वाली चिंताओं का उल्लेख किया और कानूनों की समीक्षा तथा आवश्यक संशोधन की बात कही। आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट पर चर्चा सम्मेलन में जातिगत आरक्षण, एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम-1989, यूजीसी के नए प्रावधानों तथा सवर्ण आयोग के गठन से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय महासचिव वी.पी. नौटियाल ने पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े विभिन्न न्यायालयों में चल रहे मामलों और मंच की ओर से दाखिल अपीलों की जानकारी दी। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के साथ राजनीतिक प्रतिनिधित्व को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड समानता पार्टी मंच के मुद्दों के साथ खड़ी है और संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता है। सभी जिलों में जनजागरण अभियान पार्टी अध्यक्ष सी.एस. नेगी ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा तथा जातीय आधार पर बनाए गए कानूनों में आवश्यक संशोधन को लेकर उत्तराखण्ड के सभी जनपदों में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान पार्टी और मंच की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के रुख को भी जनता के सामने रखा जाएगा। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन वी.पी. नौटियाल, वी.के. धस्माना और टी.एस. नेगी ने संयुक्त रूप से किया। अखिल भारतीय समानता मंच के प्रांतीय महासचिव जे.पी. कुकरेती ने मंच के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में एल.पी. रतूड़ी, श्रीधर प्रसाद नैथानी सहित पार्टी और मंच के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने समानता, आरक्षण व्यवस्था और जातीय आधार पर बने कानूनों को लेकर अपने विचार और मांगें सामने रखीं। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 60 Post navigation टिहरी के चार खिलाड़ियों ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, अंडर-19 हॉकी में टीम रही उपविजेता उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज: IMD ने जारी किया अलर्ट, चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक