Spread the loveदेहरादून/पौड़ी। उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच स्कूलों की छुट्टी को लेकर अभिभावकों और विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी रही। अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर प्रशासन ने अलग-अलग निर्णय लिए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे छुट्टी के आदेशों ने भ्रम और बढ़ा दिया।पौड़ी गढ़वाल में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंदभारी बारिश की चेतावनी और मौसम की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पौड़ी गढ़वाल जिले में 19 अगस्त को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया गया। यह फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से लिया गया।देहरादून में वायरल हुआ फर्जी छुट्टी आदेशवहीं देहरादून में 19 अगस्त को स्कूल बंद रहने का एक आदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वायरल आदेश को लेकर अभिभावकों और विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।हालांकि उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार देहरादून में 19 अगस्त के लिए सभी स्कूलों की छुट्टी का कोई आधिकारिक जिला-स्तरीय आदेश पुष्टि नहीं करता। 19 अगस्त को देहरादून में स्कूल सामान्य रूप से खुले रहने की जानकारी सामने आई है।जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी वर्तमान कार्यालय आदेशों में 19 अगस्त को स्कूल बंद किए जाने का ऐसा कोई नया आदेश दिखाई नहीं देता।अभिभावकों से अपील—वायरल मैसेज पर भरोसा न करेंबारिश के मौसम में स्कूल बंद करने का निर्णय जिले की स्थानीय परिस्थितियों और प्रशासनिक आदेश के आधार पर लिया जाता है। केवल IMD का बारिश अलर्ट जारी होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे जिले में स्वतः स्कूलों की छुट्टी घोषित हो जाती है।इसलिए अभिभावकों और विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले आदेशों को आगे प्रसारित करने से पहले संबंधित जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग या अपने स्कूल की आधिकारिक सूचना से पुष्टि करनी चाहिए।करारा सवाल: फर्जी आदेश फैलाने की जरूरत क्यों?बारिश और आपदा की स्थिति में लोगों को सही और समय पर सूचना मिलना बेहद जरूरी है। ऐसे समय में फर्जी सरकारी आदेश वायरल होना न केवल अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच भ्रम पैदा करता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी गलत धारणा बनाता है।फिलहाल 19 अगस्त के लिए पौड़ी में स्कूल बंद और देहरादून में सामान्य रूप से स्कूल खुले रहने की स्थिति सामने आई है। आगे मौसम की स्थिति के अनुसार संबंधित जिला प्रशासन अलग से आदेश जारी कर सकता है। Post Views: 8 Post navigationउत्तराखंड में आसमानी आफत का अलर्ट: छह जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा, गंगा और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता उत्तराखंड में बारिश का कहर: 124 से ज्यादा सड़कें बंद, नदियां उफान पर; SDRF ने 6 छात्रों को किया रेस्क्यू