Spread the loveदेहरादून | दैनिक प्रभातवाणी । उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के साथ-साथ कई स्थानीय घटनाओं और प्रशासनिक तैयारियों ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने आपदा से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। रुद्रप्रयाग में पहाड़ी से मलबा गिरा रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड के पास पहाड़ी से अचानक मलबा गिरने से दो दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलते ही SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन क्षेत्र में खतरा अभी भी बना हुआ है। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा चेतावनी स्तर के करीब लगातार बारिश के कारण हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। बाढ़ चौकियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों को 24 घंटे तैयार रहने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं संचालित रखने के निर्देश दिए हैं। सभी अस्पतालों को आवश्यक दवाइयों, ऑक्सीजन और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। हेलीकॉप्टर रेस्क्यू टीम स्टैंडबाय आपदा की स्थिति को देखते हुए गंभीर मरीजों और फंसे यात्रियों की सहायता के लिए तीन इमरजेंसी हेलीकॉप्टर केदारनाथ और बद्रीनाथ मार्ग के निकट स्टैंडबाय पर रखे गए हैं। मौसम अनुकूल होने पर आवश्यकता पड़ने पर तत्काल एयर रेस्क्यू किया जाएगा। यातायात प्रभावित, वैकल्पिक मार्ग लागू बारिश और भूस्खलन के कारण ऋषिकेश–श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित होने पर ट्रैफिक को नरेंद्रनगर मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। सुरक्षा कारणों से भारी वाहनों के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की गई है। कांवड़ मेला क्षेत्र में विशेष व्यवस्था हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले के दौरान जलभराव और सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। जल निकासी, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की अपील प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि: बिना आवश्यक कारण यात्रा न करें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें। नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। राज्य में अगले 24–48 घंटों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और लोगों से अधिकतम सतर्कता बरतने की अपील की गई है। Post Views: 8 Post navigation उत्तराखंड में मानसून का कहर: 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 100 से अधिक सड़कें बंद, चारधाम यात्रा पर रोक, कई जिलों में स्कूल बंद उत्तराखंड मौसम अपडेट: ऑरेंज अलर्ट के बीच मूसलाधार बारिश, 109 सड़कें बंद, चारधाम यात्रा प्रभावित