Spread the loveहरिद्वार/खानपुर | हरिद्वार जिले के खानपुर विकासखंड से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की ट्रैप टीम ने सहायक कृषि अधिकारी को ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कृषि यंत्र खरीदने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने और स्वीकृति दिलाने के एवज में अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।कृषि यंत्र की सब्सिडी के बदले मांगी रिश्वतजानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता के भाई ने कृषि यंत्र खरीदने के लिए सरकारी योजना के तहत आवेदन किया था। आवेदन के बाद मिलने वाली कृषि सब्सिडी की फाइल को आगे बढ़ाने और स्वीकृत कराने के लिए कथित तौर पर ₹10 हजार की रिश्वत मांगी गई।रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की गोपनीय शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने प्राथमिक जांच और सत्यापन की कार्रवाई की।सत्यापन के बाद बिछाया गया ट्रैपशिकायत में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप तैयार किया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया।जैसे ही आरोपी ने कथित तौर पर ₹10 हजार की रिश्वत स्वीकार की, पहले से मुस्तैद विजिलेंस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।सहायक कृषि अधिकारी गिरफ्तारविजिलेंस की कार्रवाई में गिरफ्तार अधिकारी की पहचान हरिओम यादव के रूप में बताई गई है। वह खानपुर विकासखंड, हरिद्वार में सहायक कृषि अधिकारी के पद पर तैनात था।कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को हिरासत में लेकर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों द्वारा आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ रिश्वत प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता पर फिर उठे सवालकिसानों को कृषि यंत्र खरीदने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में सब्सिडी की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप सामने आने से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।विजिलेंस की कार्रवाई से सरकारी विभागों में भी हड़कंप की स्थिति है। यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है।रिश्वत मांगे तो शिकायत करेंसतर्कता अधिष्ठान लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायतों के आधार पर कार्रवाई कर रहा है। आम नागरिकों से भी अपील की जाती है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी वैध कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत संबंधित सतर्कता एजेंसी से करें।हिमालयवाणी की अपील: भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को रिश्वत न दें। Post Views: 9 Post navigationप्रेमनगर में आधी रात पुलिस-बदमाशों के बीच मुठभेड़, गैंगस्टर रईस घायल; साथी नवाब फरार हरिद्वार में सौतेली मां की गला रेतकर हत्या, बेटी और प्रेमी पर साजिश का आरोप; मंगलौर पुलिस ने किया खुलासा