हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप, SC वकील ने निशु आज़ाद के खिलाफ दी शिकायत
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड अमिता सचदेवा ने छात्र कार्यकर्ता निशु आज़ाद और उनके पिता संजय आज़ाद के खिलाफ दिल्ली पुलिस के साइबर पुलिस स्टेशन, नई दिल्ली जिला में शिकायत दी है। शिकायत में निशु आज़ाद के X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में कथित रूप से अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार, अमिता सचदेवा ने 5 सितंबर को पुलिस से संपर्क किया। उनका दावा है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट परिसर में रहते हुए X पर निशु आज़ाद के हैंडल @Nishuazad11 की कुछ पोस्ट देखीं। शिकायत में भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से संबंधित चार पोस्ट का उल्लेख किया गया है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, ये पोस्ट सितंबर 2023 से अगस्त 2026 के बीच किए गए बताए गए हैं और अभी भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। उन्होंने दावा किया है कि इन पोस्ट से उनकी तथा अन्य हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस से मामले में FIR दर्ज कर जांच की मांग की है। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और धारा 196 सहित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, इन धाराओं का लागू होना जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान पुलिस तथा संबंधित प्राधिकारी तय करेंगे।

शिकायत में सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है। इसमें संबंधित पोस्ट, मीडिया फाइल, X प्लेटफॉर्म के रिकॉर्ड, IP लॉग, डिवाइस संबंधी जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को संरक्षित करने की मांग शामिल है।

शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि निशु आज़ाद ने स्वयं को नाबालिग बताया है। इसी आधार पर उनके पिता संजय आज़ाद को अभिभावक के तौर पर शिकायत में शामिल किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नोटिस दिए जाने के बावजूद कथित पोस्ट हटाई नहीं गईं।

इस बीच, निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार से जुड़ा एक अलग विवाद भी हाल में सामने आया था। जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके साथ कथित मारपीट का मामला चर्चा में रहा। इस मामले में CJP की ओर से स्वतंत्र भारद्वाज पर हमले का आरोप लगाया गया था, जबकि भारद्वाज ने कार्रवाई को आत्मरक्षा बताया था।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था और कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।

पुलिस के अनुसार, अमिता सचदेवा की नई शिकायत का इस मारपीट के मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। यह शिकायत सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित अलग मामला है।

फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की ओर से FIR दर्ज किए जाने या जांच की औपचारिक स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। वहीं, निशु आज़ाद और उनके परिवार की ओर से शिकायत में लगाए गए आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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