Spread the loveदेहरादून/जॉली ग्रांट, 31 अगस्त 2026। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखा रहा है। पिछले 24 घंटों से जारी लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए Orange Alert जारी किया है। प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में कहीं-कहीं 115 से 204 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। वहीं टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर में Yellow Alert जारी किया गया है।यमुनोत्री हाईवे समेत कई सड़कें बंद, मालदेवता में सड़क बहीलगातार बारिश का सबसे अधिक असर पहाड़ी क्षेत्रों के सड़क यातायात पर पड़ा है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। सड़क खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें मौके पर जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत एवं बहाली कार्य प्रभावित हो रहा है।देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोंग नदी के तेज बहाव के कारण सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। इसके अलावा चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में भी कई लिंक मार्गों पर भूस्खलन और मलबे के कारण आवाजाही बाधित होने की सूचना है।मंदाकिनी और अलकनंदा का जलस्तर बढ़ापहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। मंदाकिनी और अलकनंदा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और संवेदनशील स्थानों के आसपास न जाएं। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए SDRF समेत संबंधित राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखा गया है।चारधाम यात्रा पर भी बारिश का असरभारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रुकने तथा प्रशासन की सलाह के अनुसार ही आगे बढ़ने की अपील की गई है।प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में 112 पर संपर्क किया जा सकता है।बारिश के बीच प्रशासन की चुनौतीउत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच सबसे बड़ी चुनौती सड़क संपर्क बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। भूस्खलन, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और सड़क क्षति के कारण आने वाले घंटों में प्रशासन और राहत एजेंसियों के सामने चुनौती और बढ़ सकती है। Post Views: 5 Post navigationउत्तराखंड में मानसून का कहर: देहरादून में तमसा-रिस्पना उफान पर, चमोली में तबाही, प्रदेश में कल स्कूल बंद हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद में नया मोड़: राहुल गांधी पर SC/ST एक्ट समेत कई धाराओं में FIR, उत्तराखंड में सियासी पारा हाई