Spread the loveदेहरादून। राजधानी देहरादून में मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर दहशत फैला दी। 1 सितंबर की मध्यरात्रि करीब 12 बजे देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भगत सिंह कॉलोनी के पास बरसाती नाले के उफान पर आने से सड़कों पर नदियों जैसे हालात बन गए और लोग रातभर दहशत में जागते रहे।https://himalayavani.com/wp-content/uploads/2026/09/SnapVid.Net_AQOGWz546k4iVOU2PN7ul1xPLTo1hocSjz4rvV53p1DlpTbIqSdr_bzjfYGyX43zkfumvAkorC7gmJKqkZBN30HsobjFxZfQ_eaLb6IjUjJkvA_720p_HD-1.mp4रात 12 बजे जब ज्यादातर लोग सो चुके थे, तभी पहाड़ों और शहर में हुई तेज मूसलाधार बारिश के बाद नालों में पानी का स्तर अचानक कई गुना बढ़ गया। डालनवाला, जो शहर का पॉश इलाका माना जाता है, वहां की मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी बहने लगा। पानी का बहाव इतना तेज था कि सड़क पर रखा कचरा, रेत-बजरी और छोटा-मोटा सामान बहने लगा।सबसे ज्यादा खतरा भगत सिंह कॉलोनी में मंडराया। यह कॉलोनी रिस्पना नदी सिस्टम से जुड़े नाले के बिल्कुल किनारे बसी है। यहां पानी घरों की बाउंड्री तक पहुंच गया। कई घरों के आंगन में पानी घुस गया, जिससे लोगों को अपना कीमती सामान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट करने पड़े। बुजुर्गों और बच्चों को रातभर जागकर रखवाली करनी पड़ी।स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया कि करीब 12:15 बजे अचानक पानी की आवाज तेज हुई और देखते ही देखते गली में नदी बहने लगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी ठीक इसी जगह पर ऐसा ही मंजर देखा गया था। देहरादून घंटाघर से महज 2 किलोमीटर दूर ओल्ड डालनवाला स्थित भगत सिंह कॉलोनी में पहले भी आपदा आ चुकी है, जहां कई लोगों के घर बह गए थे और लोगों का सबकुछ कीचड़ में बह गया था। एक बार तो यहां एक व्यक्ति के बहने की सूचना भी मिली थी।आखिर क्यों डालनवाला में बार-बार बनते हैं ऐसे हालात? इसका बड़ा कारण नदी-नालों में गाद और कूड़ा जमा होना है। अनुसंधान एवं नियोजन खंड देहरादून के अधिशासी अभियंता राजेश लाम्बा ने खुद माना था कि रिस्पना नदी के कंडोली, आर्य नगर, भगत सिंह कॉलोनी, राजेश रावत कॉलोनी, छोटी बिंदाल के इंदिरा नगर जैसे क्षेत्रों में अत्यधिक गाद जमा होने से बाढ़ आती है। इसके अलावा रिस्पना और बिंदाल नदी पर बन रहे एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट के कारण नदी का नैचुरल फ्लो भी प्रभावित हुआ है।प्रशासन ने इस खतरे को देखते हुए पहले से ही जेसीबी मशीनों को नदी-नालों में उतारकर चैनलाइजेशन का काम शुरू किया है, ताकि बाढ़ के पानी को रास्ता मिल सके। लेकिन बीती रात की बारिश ने सारे इंतजामों की पोल खोल दी।घटना के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिन्द और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी भगत सिंह कॉलोनी का दौरा किया था और सरकार से पीड़ितों की मदद की मांग उठाई थी। फिलहाल पुलिस और नगर निगम की टीम ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नाले के किनारे न जाएं, रात में सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल करें। मौसम विभाग ने अभी भी देहरादून में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी रखा है, इसलिए खतरा अभी टला नहीं है। Post Views: 3 Post navigationदेहरादून के प्रेमनगर में खूनी बरसाती नाला: कंडोली पुल पर 2 KM तक बही क्रेटा, 2 की मौत, SDRF ने एक युवती को मौत के मुंह से खींचा Dehradun में Swine Flu का Outbreak, 24 New Cases से हड़कंप