हाईकोर्ट की फटकार के बाद डोईवाला में भी हड़कंप: सिंगल-यूज प्लास्टिक पर गरजा प्रशासन का हंटर, 50 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती
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डोईवाला (देहरादून)। देहरादून जिले का प्रवेश द्वार कहे जाने वाला डोईवाला नगर, जो कभी अपनी स्वच्छता और शुगर मिल के लिए जाना जाता था, अब सिंगल-यूज प्लास्टिक के बढ़ते प्रदूषण की चपेट में है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा राज्य में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण और नदियों व ड्रेनेज सिस्टम में आ रही रुकावटों पर गहरी चिंता व्यक्त करने के बाद अब जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसका सीधा असर डोईवाला नगर पालिका क्षेत्र पर भी पड़ने वाला है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर पूरे जिले में सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ एक व्यापक और सघन अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान को कड़ाई से लागू करने के लिए देहरादून नगर निगम के 100 वार्डों की निगरानी के लिए 50 सेक्टर अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकासनगर, हरबर्टपुर, डोईवाला, मसूरी एवं सेलाकुई क्षेत्र में संबंधित नगर निकायों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

डोईवाला में पहले से चल रही है सख्ती, अब और तेज होगी कार्रवाई

यह पहला मौका नहीं है जब डोईवाला में प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई हुई हो। नगर पालिका परिषद डोईवाला की टीम लगातार अभियान चला रही है। पिछले कुछ महीनों में ही नगर पालिका ने कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं।

एक अभियान के दौरान नगर पालिका टीम ने नगर क्षेत्र में 11 दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए कुल 15,600 रुपये का जुर्माना वसूला था। मुख्य सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने बताया था कि अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई थी।

इसी तरह भानियावाला क्षेत्र, जो डोईवाला का सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है, वहां भी टीम ने छापेमारी कर 9 हजार रुपये का जुर्माना वसूला था, जिसमें एक विक्रेता पर अकेले 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। एक अन्य अभियान में 07 दुकान स्वामियों से 12,800 रुपये का जुर्माना वसूला गया था।

सबसे बड़ी कार्रवाई तब हुई जब नगर पालिका टीम ने एक सेल्समैन से प्रतिबंधित 7 पेटी प्लास्टिक गिलास और एक पेटी चम्मच एवं अन्य सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त किया था। कई बार लगभग 20 किलो प्रतिबंधित पॉलिथीन भी जब्त की जा चुकी है और 26,100 रुपये तक का जुर्माना एक साथ वसूला गया है।

क्यों निशाने पर है डोईवाला?

डोईवाला की भौगोलिक स्थिति इसे बेहद संवेदनशील बनाती है। यहां से सुसवा नदी और सोंग नदी गुजरती हैं, जो अंततः गंगा में मिलती हैं। डोईवाला मुख्य बाजार, भानियावाला, केशवपुरी, ऋषिकेश रोड और जॉलीग्रांट एयरपोर्ट रोड पर फेंका गया प्लास्टिक सीधे इन नदियों में जाता है। बरसात में डोईवाला-भानियावाला मार्ग पर जलभराव की मुख्य वजह नालियों में फंसी पॉलिथीन ही है। इसके अलावा एयरपोर्ट और ऋषिकेश जाने वाले पर्यटकों के कारण यहां डिस्पोजल गिलास, प्लेट और पॉलिथीन का उपयोग बहुत अधिक बढ़ गया है।

अब सोर्स पर होगा प्रहार

नई कार्ययोजना की सबसे बड़ी रणनीति यह है कि प्रशासन केवल छोटे दुकानदारों या उपभोक्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाय इसके बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करना चाहता है। तैनात किए गए सेक्टर अधिकारी और नगर पालिका की टीमें अब जिले में संचालित होने वाली प्लास्टिक फैक्ट्रियों, बड़े थोक विक्रेताओं के गोदामों और मुख्य बिक्री केंद्रों पर औचक निरीक्षण करेंगी।

जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, अभियान के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंधित उत्पादों के विनिर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री एवं उपयोग के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। प्लास्टिक का निर्माण करने वाले उद्योगों एवं फैक्ट्रियों पर भी विशेष अभियान चलाकर निरीक्षण एवं कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिबंधित सूची में प्लास्टिक के चम्मच, कांटे, कप, गिलास, स्ट्रॉ, 100 माइक्रोन से कम के पीवीसी बैनर और थर्माकोल के उत्पाद शामिल हैं। 75 माइक्रोन से कम की कैरी बैग भी पूरी तरह बैन है।

जुर्माना नहीं, अब सीलिंग

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहली बार में 500 से 5000 रुपये का जुर्माना, दूसरी बार में 10 हजार तक और बार-बार नियम तोड़ने वाली दुकानों, गोदामों और फैक्ट्रियों को सील करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। सभी अधिकारियों को कार्रवाई की गूगल फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट तीन दिन में जिला कार्यालय को देनी होगी।

जनता और व्यापारियों से अपील

नगर पालिका डोईवाला के अधिशासी अधिकारी उत्तम सिंह नेगी और एमएल शाह ने पहले भी कहा है कि नगर पालिका को स्वच्छ व साफ बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। प्रशासन ने अब डोईवाला व्यापार मंडल, भानियावाला व्यापार मंडल और आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। जब तक आम नागरिक खुद आगे बढ़कर कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग नहीं करेंगे, तब तक डोईवाला को पूरी तरह प्लास्टिक-मुक्त बनाना मुश्किल होगा।

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